बगदाद/तेहरान। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। ईरान समर्थित आतंकवादी संगठन इस्लामिक रेसिस्टेंस ने दावा किया है कि उसने इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 19 ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इस ताबड़तोड़ हमले में इराक के महत्वपूर्ण तेल संयंत्रों को भी निशाना बनाया गया है, जिससे क्षेत्र में युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बड़ा हमला
यह हमला ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच हुआ है।
- इस्लामिक रेसिस्टेंस का दावा: इस्लामिक रेसिस्टेंस ने एक बयान जारी कर कहा कि उसने इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 19 ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।
- तेल संयंत्रों पर हमला: इस्लामिक रेसिस्टेंस ने इराक के महत्वपूर्ण तेल संयंत्रों पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।
- ताबड़तोड़ हमले: इस्लामिक रेसिस्टेंस ने इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 19 ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।
युद्ध का खतरा मंडरा रहा है
इस ताबड़तोड़ हमले से क्षेत्र में युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
विशेषज्ञों का बयान: “यह हमला ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच हुआ है। इस हमले से क्षेत्र में युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।”
अमेरिका का कड़ा रुख
इस हमले के बाद अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है।
- रिटेलिएशन: अमेरिका की ओर से एक बड़े ‘रिटेलिएशन’ (प्रतिशोध) की संभावना प्रबल है, जो ईरान के सैन्य ठिकानों या तेल संयंत्रों को निशाना बना सकता है।
- युद्ध का खतरा: अमेरिका की ओर से एक बड़े ‘रिटेलिएशन’ (प्रतिशोध) की संभावना प्रबल है, जो ईरान के सैन्य ठिकानों या तेल संयंत्रों को निशाना बना सकता है।




