राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक प्राधिकरण (एनएसीटीए) ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के आंदोलन को लक्ष्य बनाकर संभावित आतंकवादी हमले की चेतावनी दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस चेतावनी में हाल ही में अफगानिस्तान से पाकिस्तान में दाखिल हुए आतंकवादी समूह से खतरे को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है।
एनएसीटीए ने आतंकवादी समूह की पहचान ‘फितना अल-ख्वारिज’ के तौर पर की है, जिसे पहले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था। इन आतंकवादियों ने कथित तौर पर 19-20 नवंबर की रात को पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के जरिए पाकिस्तान में प्रवेश किया था। प्राधिकरण ने आगाह किया है कि आतंकवादी पीटीआई की जनसभा को हमले के अवसर के रूप में चुन सकते हैं।
इस चेतावनी के बाद राजधानी भर में सुरक्षा उपायों को काफी मजबूत किया गया है। साथ ही अधिकारियों को सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि विरोध स्थल किसी भी संभावित खतरों से सुरक्षित रहे।
इससे पहले, शनिवार को गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पीटीआई के अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर से संपर्क किया। उन्हें जानकारी दी कि सरकार बेलारूस के शीर्ष रैंकिंग वाले प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान इस्लामाबाद में किसी भी धरने या रैली की अनुमति नहीं देगी। नकवी ने फैसले के पीछे सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया। बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल 24 नवंबर से 27 नवंबर तक यात्रा करने वाला है।
पूरे पंजाब में धारा 144 लागू
24 नवंबर को पीटीआई के विरोध प्रदर्शन से पहले, सरकार ने तीन दिनों के लिए पूरे पंजाब में धारा 144 लागू कर दी और इस्लामाबाद में हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया। अधिकारियों ने रेड जोन की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों को सील कर दिया है, जिनमें श्रीनगर राजमार्ग, जीटी रोड और इस्लामाबाद हवाई अड्डे से जोड़ने वाले मार्ग शामिल हैं।





