Wednesday, February 25, 2026

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इजरायल के ‘हेक्सागन ऑफ अलायंसेस’ से वैश्विक कूटनीति में हलचल: नेतन्याहू और मोदी का अटूट गठबंधन देख पाकिस्तान को लगी ‘मिर्ची’

तेल अवीव/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया की राजनीति में इजरायल ने एक नए रणनीतिक चक्र की शुरुआत की है, जिसे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ‘हेक्सागन ऑफ अलायंसेस’ (Hexagon of Alliances) का नाम दिया है। इस छह-कोणीय गठबंधन का सबसे मजबूत और महत्वपूर्ण स्तंभ भारत बनकर उभरा है। इजरायल और भारत के बीच बढ़ते इस ‘सुपर गठबंधन’ ने पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस्लामाबाद इस नए समीकरण को अपने लिए एक बड़े कूटनीतिक खतरे के रूप में देख रहा है, क्योंकि यह गठबंधन न केवल रक्षा बल्कि खुफिया जानकारी साझा करने और परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण उपयोग के क्षेत्र में भी नई सीमाओं को पार कर रहा है।

क्या है इजरायल का ‘हेक्सागन ऑफ अलायंसेस’?

इजरायल की यह नई रणनीति छह प्रमुख देशों या क्षेत्रों के साथ एक अभेद्य सुरक्षा और आर्थिक घेरा बनाने पर केंद्रित है:

  • भारत-केंद्रित नीति: इस गठबंधन के केंद्र में भारत है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि भारत के साथ इजरायल का रिश्ता अब केवल ‘हथियारों की खरीद-फरोख्त’ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक गहरी रणनीतिक साझेदारी है।
  • रणनीतिक घेराबंदी: इस योजना के तहत इजरायल अपने उन मित्र देशों को एक मंच पर ला रहा है जो रक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ एक जैसी सोच रखते हैं।
  • आर्थिक गलियारा: ‘हेक्सागन’ का उद्देश्य केवल सैन्य शक्ति नहीं, बल्कि व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित करना और मध्य-पूर्व से एशिया तक एक मजबूत आर्थिक सेतु बनाना है।

पाकिस्तान की बौखलाहट के मुख्य कारण

इजरायल और भारत की इस नजदीकी ने पाकिस्तान के कूटनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है:

  1. अत्याधुनिक तकनीक का हस्तांतरण: इजरायल द्वारा भारत को दिए जाने वाले उन्नत ड्रोन्स, मिसाइल डिफेंस सिस्टम (अवाक्स) और साइबर हथियारों से दक्षिण एशिया में सैन्य संतुलन पूरी तरह भारत के पक्ष में झुक गया है।
  2. आतंकवाद पर साझा प्रहार: दोनों देशों ने सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के खिलाफ एक-दूसरे का समर्थन करने का संकल्प लिया है। पाकिस्तान को डर है कि इस गठबंधन के जरिए भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसे और अधिक अलग-थलग कर देगा।
  3. मान्यता का सवाल: पाकिस्तान अभी भी इजरायल को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता नहीं देता है, लेकिन भारत और इजरायल का यह ‘खुला गठबंधन’ उसे इस्लामिक देशों के बीच अपनी बात मजबूती से रखने में बाधा डाल रहा है।

नेतन्याहू-मोदी युग: कूटनीति का नया शिखर

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भारतीय नेतृत्व की सराहना करते हुए इसे ‘स्वर्ग में बनी जोड़ी’ (A match made in heaven) करार दिया है:

  • निजी तालमेल: दोनों नेताओं के बीच का व्यक्तिगत तालमेल द्विपक्षीय समझौतों को तेजी से लागू करने में मदद कर रहा है।
  • रक्षा से परे सहयोग: ‘हेक्सागन’ के तहत अंतरिक्ष अनुसंधान, जल संरक्षण और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी भारत और इजरायल मिलकर काम कर रहे हैं।

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