तेल अवीव/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की संसद ‘नेसेट’ (Knesset) को संबोधित करते हुए वैश्विक शांति और सुरक्षा को लेकर भारत का स्पष्ट रुख दुनिया के सामने रखा। ऐतिहासिक संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने एक ओर जहाँ गाजा पट्टी में जारी मानवीय संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए शांति बहाली पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर आतंकवाद को मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत हर प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है। यह पहला मौका था जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इजरायली संसद के विशेष सत्र को संबोधित किया, जिसे दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते रक्षा और रणनीतिक संबंधों के मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है।
संबोधन के मुख्य बिंदु: शांति और सुरक्षा का संतुलन
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कूटनीति और मानवीय संवेदनाओं का समावेश किया:
- आतंकवाद पर कड़ा प्रहार: पीएम मोदी ने कहा कि “आतंकवाद का कोई धर्म या सीमा नहीं होती। 7 अक्टूबर की घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर अडिग है और हम इस लड़ाई में इजरायल के साथ हैं।”
- गाजा में शांति की अपील: संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “युद्ध किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। गाजा में निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा और वहां शांति की बहाली वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। मानवीय सहायता की निरंतरता सुनिश्चित होनी चाहिए।”
- दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution): भारत के पारंपरिक रुख को दोहराते हुए उन्होंने बातचीत के जरिए क्षेत्र में स्थायी शांति और संप्रभुता के सम्मान की बात कही।
भारत-इजरायल दोस्ती: ‘आकाश ही सीमा है’
पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को लेकर भविष्य का खाका खींचा:
- साझा लोकतांत्रिक मूल्य: उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल केवल रणनीतिक साझेदार नहीं हैं, बल्कि दो जीवंत लोकतंत्र हैं जो साझा मूल्यों और नवाचार (Innovation) से जुड़े हैं।
- रक्षा और तकनीक: संबोधन में जल संरक्षण, अंतरिक्ष अनुसंधान और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक समझौतों का भी उल्लेख किया गया।
- भारतीय समुदाय का जिक्र: पीएम मोदी ने इजरायल में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के बीच का ‘जीवंत सेतु’ (Living Bridge) बताया।
इजरायली नेतृत्व ने किया भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से पहले इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें ‘विश्व का महान नेता’ बताया:
- नेसेट में ‘मोदी-मोदी’ के नारे: जैसे ही पीएम मोदी ने हिब्रू भाषा में अपने संबोधन की शुरुआत की, पूरी संसद तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठी।
- विपक्ष का भी समर्थन: इजरायल के विपक्षी नेताओं ने भी भारत के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ करने के पीएम मोदी के विजन की सराहना की।





