ऋषिकेश/देहरादून: लखनऊ अर्बन कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी (LUCC) द्वारा करोड़ों रुपये की ठगी का शिकार हुई सैकड़ों महिलाओं ने अपने खून-पसीने की कमाई वापस पाने के लिए दिल्ली कूच का ऐलान किया। न्याय की गुहार लगाने राष्ट्रीय राजधानी जा रही इन महिलाओं को हालांकि पुलिस प्रशासन ने बीच रास्ते में ही रोकने की कोशिश की। दिल्ली की सीमाओं पर कड़े पहरे और पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद, आक्रोशित महिलाओं का यह जत्था हार न मानते हुए ऋषिकेश पहुँचा और वहां अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। इन महिलाओं का कहना है कि जब तक उनकी जमा पूंजी वापस नहीं मिल जाती, उनका आंदोलन थमेगा नहीं।
ठगी का शिकार और महिलाओं का आक्रोश
यह विवाद LUCC सोसाइटी द्वारा निवेश के नाम पर किए गए बड़े घोटाले से जुड़ा है:
- डूबी जमा पूंजी: पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया कि सोसाइटी ने ऊंचे ब्याज और सुरक्षित भविष्य का लालच देकर उनसे लाखों रुपये जमा कराए, लेकिन मैच्योरिटी के समय ऑफिस बंद कर अधिकारी फरार हो गए।
- अंतिम विकल्प ‘दिल्ली’: स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने से क्षुब्ध होकर महिलाओं ने दिल्ली में केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों के घेराव का फैसला किया था।
- घर-घर की कहानी: प्रदर्शनकारी महिलाओं में अधिकांश वे हैं जिन्होंने अपनी छोटी-मोटी बचत और गहने बेचकर पैसे निवेश किए थे।
पुलिसिया कार्रवाई: सीमाओं पर हुई तीखी नोकझोंक
जैसे ही महिलाओं का समूह दिल्ली की ओर बढ़ा, प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए भारी बल तैनात कर दिया:
- बैरिकेटिंग और घेराबंदी: उत्तर प्रदेश और दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस ने बैरिकेट्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस भी हुई।
- ऋषिकेश में डाला डेरा: दिल्ली जाने से रोके जाने के बाद, महिलाओं ने अपनी रणनीति बदलते हुए ऋषिकेश का रुख किया। भारी बारिश और ठंड के बावजूद महिलाएं सड़कों पर डटी रहीं।
- प्रशासनिक दबाव: पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को वापस लौटने के लिए मनाया, लेकिन महिलाओं ने साफ कर दिया कि “ठगी गई राशि, उनके बच्चों का भविष्य है” और वे पीछे नहीं हटेंगी।
आंदोलन की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन के माध्यम से सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं:
- संपत्ति की कुर्की: ठगी करने वाली सोसाइटी के संचालकों की संपत्तियों को कुर्क कर निवेशकों का पैसा लौटाया जाए।
- त्वरित जांच: इस घोटाले की जांच में तेजी लाई जाए और मुख्य आरोपितों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
- सरकार का हस्तक्षेप: पीड़ित महिलाओं ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर गरीबों की मदद करने की अपील की है।




