इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के कुछ हिस्सों में दूषित पानी की आपूर्ति ने महामारी जैसा गंभीर संकट पैदा कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायतों के साथ 3200 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंच चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने संज्ञान लिया है और राष्ट्रीय संस्थानों की विशेषज्ञ टीमें जांच के लिए इंदौर पहुंच गई हैं।
प्रमुख बस्तियों में फैला संक्रमण
संक्रमण का सबसे अधिक प्रभाव शहर के बाणगंगा, कुम्हारखाड़ी और आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रभावितों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या काफी अधिक है। शहर के एमवाई (MY) अस्पताल और जिला अस्पताल सहित कई निजी क्लीनिकों में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसके कारण स्वास्थ्य संसाधनों पर दबाव बढ़ गया है।
राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने संभाली कमान
स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थिति पर नियंत्रण न पा सकने के बाद, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) और ICMR की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है।
- ये टीमें प्रभावित इलाकों से पानी के नमूने (Water Samples) एकत्र कर रही हैं।
- मरीजों के मल और रक्त के नमूनों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ‘कॉलरा’ (हैजा) है या कोई अन्य जलजनित बैक्टीरिया।
- टीमें इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं सीवर की लाइनें पेयजल की पाइपलाइनों में तो नहीं मिल गई हैं।
नगर निगम और प्रशासन की कार्रवाई
इंदौर नगर निगम ने प्रभावित क्षेत्रों में पाइपलाइन के जरिए पानी की सप्लाई को फिलहाल रोक दिया है और टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। महापौर और नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को घर-घर जाकर क्लोरीन की गोलियां बांटने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में कई स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज पाया गया है, जिसे ठीक करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की है:
- पानी को हमेशा उबालकर और छानकर ही पिएं।
- बासी भोजन और कटे हुए फलों के सेवन से बचें।
- ओआरएस (ORS) का घोल घर में रखें और लक्षण दिखते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
विपक्ष ने इस घटना को लेकर नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है और पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग की है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने और नए मामलों को रोकने पर केंद्रित है।





