इंडिया गठबंधन के दलों में नाराजगी के बीच असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा का एक बयान सामने आया है। इस बयान में उन्होंने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से अनुरोध किया है कि वे इंडिया ब्लॉक का साथ छोड़कर अपने राज्य के विकास पर ध्यान दे, क्योंकि ये गठबंधन अब मृत हो चुका है। उन्होंने कहा कि ममता दीदी को ऐसे गठबंधन का नेतृत्व नहीं करना चाहिए, जिसका पुनर्जन्म नहीं होगा। सीएम सरमा ने भारतीय नागरिकों और घुसपैठियों की पहचान के लिए राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) जैसे दस्तावेज की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने आधार कार्ड के लिए एनआरसी में नाम होना अनिवार्य कर दिया है। अगर किसी का नाम एनआरसी में नहीं है, तो उसे आधार कार्ड नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि एनआरसी जैसे दस्तावेज तैयार किए जाने चाहिए ताकि आसानी से पहचान की जा सके कि कौन भारतीय है और कौन घुसपैठिया है। उन्होंने कहा कि असम और पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाना मुश्किल है क्योंकि यहां कई नदियां हैं। तकनीक का इस्तेमाल करके सीमा को सुरक्षित किया जा सकता है।
सीएम सरमा ने कहा कि भारत सरकार असम और त्रिपुरा में सीमा सुरक्षा के लिए तकनीकी प्रयास कर रही है, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार सहयोग नहीं कर रही है। अगर बंगाल सहयोग करे, तो घुसपैठ रोकी जा सकती है। ओडिशा में बीजद के भविष्य को लेकर सरमा ने कहा कि बीजद का युग अब समाप्त हो गया है और भाजपा सरकार कम से कम 50 साल तक ओडिशा में रहेगी।
बांग्लादेश में हिंदूओं पर हो रहे हमलों को लेकर सरमा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश में हिंदूओं की सुरक्षा के लिए कूटनीतिक कदम जरूर उठाएंगे। प्रधानमंत्री ने विदेश सचिव को बांग्लादेश भेजा था। उम्मीद है कि इस प्रयास से देश में शांति बहाल होगी। सरमा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस कभी हिंदू समुदाय के साथ खड़ी नहीं रही। आगे भी वे हिंदूओं के साथ खड़े नहीं होंगे।





