नई दिल्ली। वरिष्ठ अधिवक्ता आर. वेंकटरमणी को एक बार फिर देश का अटॉर्नी जनरल (AG) नियुक्त किया गया है। कानून मंत्रालय ने शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि उनका नया कार्यकाल दो साल का होगा।
वेंकटरमणी का मौजूदा तीन वर्षीय कार्यकाल इस महीने के अंत में समाप्त हो रहा है। अब उन्हें सरकार ने दोबारा यह जिम्मेदारी सौंप दी है। 75 वर्षीय वेंकटरमणी ने 30 सितंबर 2022 को वरिष्ठ न्यायविद के.के. वेणुगोपाल का स्थान लिया था और अगले ही दिन उन्होंने औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया था।
देश के शीर्ष विधि अधिकारी
अटॉर्नी जनरल केंद्र सरकार के प्रमुख विधि अधिकारी होते हैं और संवैधानिक मामलों से लेकर सरकार की नीतियों की कानूनी पैरवी तक उनकी भूमिका अहम रहती है। संसद और सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी उन्हीं पर होती है।
वेंकटरमणी का अनुभव
आर. वेंकटरमणी देश के वरिष्ठतम अधिवक्ताओं में गिने जाते हैं। संवैधानिक और कराधान कानूनों के विशेषज्ञ माने जाने वाले वेंकटरमणी ने कई महत्वपूर्ण मामलों में सरकार और विभिन्न संस्थाओं का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रखा है। उनके अनुभव और कानूनी समझ को देखते हुए सरकार ने एक बार फिर उन्हें देश का शीर्ष विधि अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
वेंकटरमणी के दोबारा नियुक्त होने से यह साफ है कि आने वाले समय में भी वे सरकार की कानूनी रणनीतियों और महत्वपूर्ण संवैधानिक मामलों में अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे।
आर. वेंकटरमणी दोबारा बने अटॉर्नी जनरल, दो साल का नया कार्यकाल





