ऑस्ट्रेलियाई चुनाव में दमदार जीत के बाद मंगलवार को नई सरकार की कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। चुनाव में एंथनी एल्बानीज के नेतृत्व में सेंटर लेफ्ट लेबर पार्टी ने जीत दर्ज की है। अभी भी वोटों की गिनती जारी है। ऑस्ट्रेलियाई संसद की कुल 150 सीटों में से लेबर पार्टी 92 से 95 सीटें जीत सकती है। पिछले चुनाव में लेबर पार्टी ने 78 सीटों पर जीत दर्ज की थी। विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी को सिर्फ 41 सीटों से संतोष करना पड़ा है और यह पार्टी के सबसे खराब प्रदर्शनों में से एक है। पार्टी ने मंगलवार को सूसन ले को अपना नया नेता चुन लिया क्योंकि पूर्व नेता पीटर डटन अपनी संसदीय सीट पर भी चुनाव हार गए, जिसके बाद उन्हें पार्टी के नेता का पद छोड़ना पड़ा। कैबिनेट के शपथ ग्रहण के बाद मंगलवार को ही कैबिनेट की पहली बैठक हुई। प्रधानमंत्री एंथनी एल्बानीज बुधवार को अपने नए कार्यकाल के पहले विदेश दौरे पर इंडोनेशिया जा रहे हैं। वहीं से वे रोम के लिए रवाना होंगे, जहां वे नए पोप लियो 14वें के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। रोम में एंथनी एल्बानीज दुनिया के कई नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। जिनमें कनाडा के नए पीएम मार्क कार्नी भी शामिल हैं।
एंथनी एल्बानीज की नई कैबिनेट में 30 नाम शामिल हैं। नई कैबिनेट में उनकी पिछली सरकार में उद्योग और विज्ञान मंत्री रहे एड ह्युसिक को जगह नहीं मिली है। ह्युसिक ने आरोप लगाया है कि इस्राइल की आलोचना करने के लिए उन्हें कैबिनेट में जगह नहीं दी गई है। ह्युसिक बोस्नियाई मूल के मुस्लिम नेता हैं। ऑस्ट्रेलिया की नेशनल इमाम काउंसिल के सलाहकार बिलाल रऊफ ने पीएम एल्बानीज से जवाब मांगा है कि क्या ह्युसिक को इस्राइल की आलोचना करने के चलते कैबिनेट से बाहर किया गया है? एंथनी एल्बानीज की नई कैबिनेट में किसी यहूदी नेता को जगह नहीं मिली है। कुछ बदलाव के अलावा एंथनी एल्बानीज की नई कैबिनेट पिछली कैबिनेट जैसी ही है।





