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आध्यात्मिक ऊर्जा और आधुनिक विकास का संगम: पीएम मोदी ने सिद्धपीठ मां डाट काली के चरणों में टेका माथा; फिर दी 11,963 करोड़ के एक्सप्रेस-वे की सौगात

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड के विकास की नई इबारत लिखने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी आस्था का परिचय देते हुए सिद्धपीठ मां डाट काली मंदिर में शीश नवाया। मंगलवार को 11,963 करोड़ रुपये की लागत से बने 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के भव्य लोकार्पण से पूर्व प्रधानमंत्री ने मां काली का आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री की यह पूजा अर्चना न केवल उनकी व्यक्तिगत आस्था को दर्शाती है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के प्रति उनके गहरे सम्मान का प्रतीक भी बनी।

दस मिनट की विशेष पूजा और मंदिर की महत्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर में मंदिर परिसर पहुंचे, जहां पुजारियों ने मंत्रोच्चार के साथ उनका स्वागत किया।

  • विधि-विधान से पूजन: प्रधानमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में करीब दस मिनट तक एकाग्रचित होकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां काली को पुष्प अर्पित किए और आरती उतारकर प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि की कामना की।
  • ऐतिहासिक सिद्धपीठ: देहरादून और सहारनपुर की सीमा पर स्थित डाट काली मंदिर का उत्तराखंड में विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस मार्ग से गुजरने वाला हर वाहन चालक सुरक्षित यात्रा के लिए मां का आशीर्वाद जरूर लेता है। प्रधानमंत्री ने भी अपनी विकास यात्रा और नए एक्सप्रेस-वे की शुरुआत से पहले इसी परंपरा का निर्वहन किया।

11,963 करोड़ की ‘कनेक्टिविटी’ सौगात

मां डाट काली का आशीर्वाद लेने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मुख्य कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना हुए, जहां उन्होंने राष्ट्र को आधुनिक बुनियादी ढांचे का उपहार दिया।

  • दिल्ली-दून इकोनॉमिक कॉरिडोर: 210 किमी लंबा यह कॉरिडोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच की दूरी को मिटाने वाला साबित होगा। इस प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार ने लगभग 11,963 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
  • सफर में क्रांतिकारी बदलाव: इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच की यात्रा का समय 6 घंटे से घटकर मात्र 2.5 से 3 घंटे रह जाएगा। यह कॉरिडोर एशिया के सबसे लंबे (12 किमी) वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए भी जाना जाता है।

 

मुख्यमंत्री धामी की थपथपाई पीठ

दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार के कार्यों की जमकर सराहना की।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के युवा नेतृत्व और प्रशासनिक कार्यकुशलता की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य में विकास के कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है।

आस्था और तकनीक का अनोखा मेल

प्रधानमंत्री के इस दौरे ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आधुनिक भारत का निर्माण केवल कंक्रीट और स्टील से नहीं, बल्कि अपनी प्राचीन विरासत और आशीर्वाद के साथ हो रहा है।

  • पहाड़ी परंपरा का सम्मान: उत्तराखंड के लोग किसी भी शुभ कार्य से पहले मां डाट काली का आह्वान करते हैं। प्रधानमंत्री ने इसी स्थानीय भावना का सम्मान करते हुए पहले मंदिर में पूजा की और फिर विकास योजनाओं का बटन दबाया।
  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: पीएम के मंदिर आगमन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के जंगलों में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए गए थे। मंदिर के आसपास वन विभाग की विशेष टीमें भी तैनात रहीं ताकि वन्यजीवों या अन्य किसी कारण से कार्यक्रम में कोई बाधा न आए।

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