Monday, February 23, 2026

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आतंकवाद पर निर्णायक प्रहार: केंद्र सरकार ने जारी की देश की पहली एंटी-टेरर पॉलिसी ‘PRAHAAR’; साइबर और ड्रोन हमलों से निपटने के लिए बनाया अभेद्य कवच

नई दिल्ली: देश की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति (Anti-Terror Policy) ‘प्रहार’ (PRAHAAR) का अनावरण किया है। यह नीति आधुनिक युग की उभरती चुनौतियों, विशेष रूप से साइबर आतंकवाद और ड्रोन हमलों से निपटने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करती है। गृह मंत्रालय द्वारा तैयार की गई इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना और आतंकी नेटवर्क की कमर तोड़ना है।

‘प्रहार’ (PRAHAAR) के पांच प्रमुख स्तंभ

इस नई नीति को पांच मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित किया गया है, जिन्हें ‘प्रहार’ के मूल मंत्र के रूप में देखा जा रहा है:

  • प्रिवेंशन (Prevention): खुफिया तंत्र को इतना मजबूत करना कि हमला होने से पहले ही उसे रोका जा सके।
  • रेस्पॉन्स (Response): हमले की स्थिति में त्वरित और घातक जवाबी कार्रवाई सुनिश्चित करना।
  • अटैक ऑन फाइनेंस (Attack on Finance): टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के स्रोतों को पूरी तरह ब्लॉक करना।
  • हाई-टेक सुरक्षा (High-tech Security): अत्याधुनिक तकनीक के जरिए सीमाओं और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी।
  • रीहैबिलिटेशन (Rehabilitation): कट्टरपंथ की ओर मुड़ने वाले युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए विशेष कार्यक्रम।

ड्रोन और साइबर चुनौतियों पर विशेष फोकस

सरकार ने माना है कि भविष्य के युद्ध और आतंकी हमले ‘डिजिटल’ और ‘मानवरहित’ हो सकते हैं, इसलिए ‘प्रहार’ में इन पर विशेष प्रावधान किए गए हैं:

  1. एंटी-ड्रोन सिस्टम: सीमावर्ती इलाकों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों (जैसे संसद, परमाणु केंद्र) के पास ‘नो-फ्लाई जोन’ को प्रभावी बनाने के लिए स्वदेशी एंटी-ड्रोन तकनीक तैनात की जाएगी।
  2. साइबर कमांड: डार्क वेब और सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाले दुष्प्रचार और भर्ती को रोकने के लिए एक समर्पित ‘नेशनल साइबर टेररिज्म कमांड’ का गठन किया जाएगा।
  3. AI का उपयोग: आतंकी गतिविधियों के पैटर्न को पहचानने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बिग डेटा एनालिटिक्स का सहारा लिया जाएगा।

एजेंसियों के बीच ‘जीरो गैप’ समन्वय

पॉलिसी के तहत अब एनआईए (NIA), आईबी (IB), रॉ (RAW) और राज्यों की पुलिस के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान रियल-टाइम आधार पर होगा।

  • यूनिफाइड कमांड: एक ऐसा साझा प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा जहाँ सभी एजेंसियां अपनी इनपुट साझा कर सकेंगी, जिससे ‘इंटेलिजेंस फेलियर’ की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
  • इंटरनेशनल कोऑपरेशन: विदेशी धरती से संचालित होने वाले आतंकी नेटवर्कों के खिलाफ मित्र देशों के साथ मिलकर सर्जिकल और कूटनीतिक प्रहार किया जाएगा।

सरकार का संकल्प: “आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस”

गृह मंत्री ने इस नीति को जारी करते हुए कहा कि ‘प्रहार’ केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि नए भारत का संकल्प है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब भारत केवल अपनी रक्षा नहीं करेगा, बल्कि आतंक के आकाओं को उनके घर में घुसकर सजा देने की क्षमता को और अधिक संस्थागत बनाएगा।

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