कोनसीमा (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के डॉ. बीआर अंबेडकर कोनसीमा जिले से मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। जिले के रायवर गांव स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
तेज धमाके के साथ लगी आग, मौके पर मची अफरातफरी
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर के समय फैक्ट्री से अचानक जोरदार धमाके की आवाज आई, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में पूरी इकाई आग की चपेट में आ गई। आग इतनी भीषण थी कि फैक्ट्री के भीतर मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। मौके पर धुएं के गुबार और आग की लपटें आसमान तक उठती दिखाई दीं।
लाइसेंस प्राप्त इकाई थी फैक्ट्री
जिला पुलिस अधीक्षक राहुल मीणा ने बताया कि यह पटाखा निर्माण इकाई लाइसेंस प्राप्त फैक्ट्री थी। उन्होंने घटना में छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। मीणा ने कहा, “हमें अब तक छह शव मिले हैं। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। प्राथमिक जांच में लापरवाही की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।”
फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कई घंटे तक मशक्कत की। साथ ही आस-पास के घरों को खाली करा लिया गया ताकि आग फैलने का खतरा न रहे। दो घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है।
जांच में जुटे अधिकारी
अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के सटीक कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री में रासायनिक पदार्थों के अनुचित भंडारण या लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया शोक
इस घटना पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
स्थानीय प्रशासन सतर्क
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। आसपास की अन्य पटाखा इकाइयों की भी जांच शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर राज्य में पटाखा निर्माण इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है। अधिकारी अब इस दिशा में कड़े कदम उठाने की बात कह रहे हैं।





