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आंध्र प्रदेश की राजधानी पर दिल्ली की बड़ी मुहर: ‘अमरावती’ अब राज्य की एकमात्र आधिकारिक राजधानी; केंद्र ने जारी की अधिसूचना

नई दिल्ली/अमरावती। आंध्र प्रदेश में पिछले कई वर्षों से चल रहे राजधानी के विवाद पर केंद्र सरकार ने बुधवार को ऐतिहासिक और अंतिम फैसला सुना दिया है। केंद्र सरकार ने एक आधिकारिक गजट अधिसूचना (Notification) जारी करते हुए ‘अमरावती’ को आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी के रूप में अधिसूचित कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही राज्य में ‘तीन राजधानियों’ (Three Capitals) के विवादास्पद प्रस्ताव पर पूरी तरह से विराम लग गया है।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी

गृह मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद ‘आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026’ के तहत यह आदेश प्रभावी हो गया है।

  • एक ही शक्ति केंद्र: अब अमरावती ही राज्य का एकमात्र विधायी (Legislative), कार्यकारी (Executive) और न्यायिक (Judicial) केंद्र होगा।
  • अधिसूचना का महत्व: केंद्र की इस अधिसूचना का अर्थ है कि अब भविष्य में किसी भी कानूनी फेरबदल के लिए संसद की अनुमति आवश्यक होगी, जिससे राजधानी के स्थान को लेकर अनिश्चितता खत्म हो गई है।

तीन राजधानी बनाम एक राजधानी का लंबा संघर्ष

यह निर्णय राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है। पिछली सरकार ने विशाखापत्तनम, कुरनूल और अमरावती को अलग-अलग जिम्मेदारियां देकर तीन राजधानियों का मॉडल पेश किया था, जिसका किसानों और वर्तमान सत्तापक्ष ने पुरजोर विरोध किया था।

  • अमरावती के किसानों की जीत: अमरावती के किसानों ने अपनी उपजाऊ भूमि राजधानी निर्माण के लिए दी थी और वे लंबे समय से इसे एकमात्र राजधानी बनाए रखने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।
  • विकास को मिलेगी रफ्तार: आधिकारिक मुहर लगने के बाद अब अमरावती में रुके हुए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के निर्माण कार्यों, जैसे कि सचिवालय, विधानसभा और हाई कोर्ट की इमारतों के काम में तेजी आने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री नायडू का बयान: “न्याय की जीत”

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे आंध्र प्रदेश के भविष्य और उन हजारों किसानों के त्याग की जीत बताया है जिन्होंने ‘राजधानी शहर’ के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर दिया।

“अमरावती केवल एक शहर नहीं, बल्कि साढ़े पांच करोड़ आंध्रवासियों के स्वाभिमान और भविष्य का प्रतीक है। केंद्र के इस फैसले से अब राज्य के विकास की दिशा स्पष्ट हो गई है। हम अमरावती को दुनिया के बेहतरीन शहरों की तर्ज पर विकसित करेंगे।”

आर्थिक और प्रशासनिक प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र की इस अधिसूचना से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

  • निवेश में बढ़ोत्तरी: राजधानी को लेकर अनिश्चितता खत्म होने से अब रियल एस्टेट और आईटी सेक्टर में बड़े निवेश की संभावनाएं खुल गई हैं।
  • प्रशासनिक सुगमता: अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच विस्थापन और कामकाज के बंटवारे को लेकर चल रहा असमंजस अब समाप्त हो जाएगा, जिससे शासन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी।

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