Friday, March 6, 2026

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की पदोन्नति नियमावली में होगा संशोधन, कैबिनेट में प्रस्ताव पेश करेगी सरकार

देहरादून। प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें सुपरवाइजर बनने का अवसर पहले से कहीं अधिक मिलेगा। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने पदोन्नति नियमावली में संशोधन की तैयारी पूरी कर ली है। प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट में रखा जाएगा। इस संशोधन के बाद सुपरवाइजर के 50 प्रतिशत पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा। वर्तमान में प्रदेश में 20 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत हैं।
अभी तक 40 प्रतिशत कोटा
फिलहाल प्रचलित नियमावली में सुपरवाइजर पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 40 प्रतिशत कोटा तय है। 10 प्रतिशत पद मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए आरक्षित थे, जबकि शेष 50 प्रतिशत पद अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के जरिए सीधी भर्ती से भरे जाते हैं।
मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों का उच्चीकरण

राज्य में केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद सभी 5120 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों का उच्चीकरण कर उन्हें नियमित आंगनबाड़ी केंद्रों में बदल दिया गया है। ऐसे में मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का पद अब अस्तित्व में नहीं रहा। इस कारण 10 प्रतिशत आरक्षण स्वतः खत्म हो गया है और इस हिस्से को अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कोटे में समाहित किया जा रहा है।
हर साल पदोन्नति का रास्ता साफ
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि संशोधन के बाद सुपरवाइजर पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की पदोन्नति हर साल सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले की व्यवस्था में पदोन्नति 10 से 20 साल बाद ही संभव हो पाती थी। कई कार्यकर्ता तो पूरे कार्यकाल में पदोन्नति न मिलने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद से ही सेवानिवृत्त हो रही थीं। उन्होंने कहा कि सरकार अब इस व्यवस्था को बदलकर नियमित पदोन्नति सुनिश्चित करेगी।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में कदम

मंत्री आर्या ने कहा कि यह कदम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाएगा और महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा निर्णय साबित होगा। उन्होंने कहा कि पदोन्नति का दायरा बढ़ने से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आएगी और सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

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