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असम विधानसभा चुनाव: “कोई भी मूल भारतीय कांग्रेस को वोट नहीं देगा”—मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का तीखा हमला

गुवाहाटी (26 मार्च, 2026): असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आगामी 9 अप्रैल को होने वाले मतदान में राज्य का कोई भी “स्थानीय मूल भारतीय” (Indigenous Indian) कांग्रेस के पक्ष में वोट नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि असम की जनता ने पिछले 10 वर्षों में राज्य का कायाकल्प होते देखा है और वे अब विनाशकारी राजनीति की ओर वापस नहीं लौटेंगे।

‘नया असम’ और घुसपैठियों का मुद्दा: सीएम के कड़े बोल

मुख्यमंत्री सरमा ने अपने संबोधन में विकास और सांस्कृतिक पहचान को मुख्य मुद्दा बनाया:

  • सांस्कृतिक गौरव: सीएम ने कहा, “आज लोग एक ‘नया असम’ देख रहे हैं, जो हमारी मजबूत संस्कृति और विरासत पर गर्व करता है। हमने असम की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।”
  • वोट बैंक पर कटाक्ष: उन्होंने विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए कहा, “बांग्लादेशी घुसपैठियों को छोड़कर राज्य का हर नागरिक भाजपा के साथ खड़ा है। कांग्रेस का आधार अब केवल वही लोग रह गए हैं जो मूल भारतीय नहीं हैं।”
  • कांग्रेस का भविष्य: मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि भारत में कांग्रेस का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं बचा है। उन्होंने यहाँ तक कह दिया, “अगर कांग्रेस को सरकार बनानी है, तो वह पाकिस्तान या बांग्लादेश में बना सकती है, भारत में अब इसकी कोई संभावना नहीं है।”

चुनावी समीकरण: 9 अप्रैल को महामुकाबला

असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा होने वाला है:

  1. एक ही चरण में मतदान: चुनाव आयोग के अनुसार, पूरे राज्य में 9 अप्रैल, 2026 को एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे, जबकि नतीजों की घोषणा 4 मई को होगी।
  2. बीजेपी की हैट्रिक पर नजर: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपनी पारंपरिक सीट जालुकबारी से मैदान में हैं। बीजेपी का लक्ष्य लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल कर राज्य में अपनी पकड़ और मजबूत करना है।
  3. विपक्ष की चुनौती: दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन ‘परिवर्तन’ का दावा कर रहा है। गौरव गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा है कि राज्य में बदलाव की लहर है और जनता बीजेपी के ‘डर की राजनीति’ से मुक्ति चाहती है।

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