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असम में भाजपा को बड़ा झटका: पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेन गोहेन समेत 18 नेताओं ने दिया इस्तीफा

स्थानीय मुद्दों की अनदेखी और ‘बाहरी लोगों’ को बसाने के आरोप; चुनाव से पहले पार्टी में मची हलचल
असम में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और चार बार के सांसद राजेन गोहेन ने बुधवार को भाजपा से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ कुल 17 अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी छोड़ दी।

राजेन गोहेन ने राज्य अध्यक्ष को भेजा इस्तीफा पत्र
राजेन गोहेन ने अपना त्यागपत्र राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया को भेजा। पत्र में उन्होंने लिखा है कि वे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने “असम के लोगों से किए गए वादों को पूरा नहीं किया और स्थानीय समुदायों को नजरअंदाज किया।”
पत्र के अनुसार, गोहेन का आरोप है कि भाजपा सरकार ने “बाहरी लोगों को राज्य में बसाने की अनुमति देकर स्थानीय अस्मिता को खतरे में डाल दिया है।”

“पार्टी ने असम के लोगों से किया विश्वासघात” — गोहेन
पत्रकारों से बातचीत में राजेन गोहेन ने कहा—
“मैंने भाजपा इसलिए छोड़ी क्योंकि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। असम के लोगों से जो वादे किए गए थे, वे पूरे नहीं हुए। स्थानीय समुदायों के साथ अन्याय हो रहा है, जबकि बाहरी लोगों को बसाने की नीतियां चलाई जा रही हैं। यह असम की पहचान के लिए खतरा है।”
उन्होंने कहा कि उन्होंने बार-बार राज्य और केंद्र नेतृत्व का ध्यान इस ओर दिलाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।

असम के ऊपरी और मध्य क्षेत्र से हैं अधिकांश इस्तीफे
सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफा देने वाले अधिकांश नेता ऊपरी और मध्य असम क्षेत्र से हैं, जहां भाजपा ने पिछले दो चुनावों में मजबूत पकड़ बनाई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन इस्तीफों से पार्टी के लिए चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं, खासकर नागांव, जोरहाट और गोलाघाट जैसे जिलों में।

राजेन गोहेन: दो दशक तक भाजपा का प्रमुख चेहरा
राजेन गोहेन असम भाजपा के सबसे पुराने चेहरों में से एक रहे हैं।
• उन्होंने 1999 से 2019 तक नागांव लोकसभा सीट से चार बार सांसद के रूप में प्रतिनिधित्व किया।
• वर्ष 2016 से 2019 तक रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे।
• वे भाजपा की असम इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
• राजनीति के अलावा गोहेन चाय बागान व्यवसाय से जुड़े हैं और नागांव क्षेत्र में उनका व्यापक प्रभाव है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि उनके जाने से भाजपा को खासकर मध्य असम के ग्रामीण इलाकों में संगठनात्मक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

भाजपा के लिए बढ़ी चिंता, अगले साल विधानसभा चुनाव
असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार सत्ता में है और अगले साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, लेकिन पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष और वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफे ने उसकी ‘विजय हैट्रिक’ की राह मुश्किल बना दी है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि गोहेन जैसे पुराने नेता का जाना पार्टी के लिए संगठनात्मक झटका है, क्योंकि वे न केवल एक अनुभवी सांसद रहे हैं बल्कि असम की सामाजिक और व्यावसायिक दुनिया में भी मजबूत पकड़ रखते हैं।

संभावित नई राजनीतिक दिशा
हालांकि राजेन गोहेन ने अभी तक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने का ऐलान नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार वे क्षेत्रीय दलों और असमिया संगठनों से संपर्क में हैं। कुछ सूत्र यह भी संकेत दे रहे हैं कि उनके समर्थक नई राजनीतिक मोर्चा बनाने की संभावना तलाश रहे हैं, ताकि स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके।
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेन गोहेन और 17 अन्य नेताओं का इस्तीफा भाजपा के लिए असम में एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। चुनावी वर्ष में पार्टी के भीतर इस असंतोष से विपक्षी दलों को नया मनोबल मिला है।
अब यह देखना होगा कि भाजपा इस संकट से कैसे निपटती है और क्या वह अपने पुराने सिपाहियों को वापस मना पाती है या नहीं।

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