अल्मोड़ा। जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। धौलादेवी ब्लॉक के गुणादित्य क्षेत्र में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर राशन की आपूर्ति में बड़ी घटतौली का मामला सामने आया है। यहाँ आपूर्ति किए गए चावल के बोरों में निर्धारित वजन से काफी कम मात्रा पाए जाने के बाद ग्रामीणों और गल्ला विक्रेताओं में गहरा रोष व्याप्त है।
तौल में सामने आई भारी कमी
जानकारी के अनुसार, बीते मार्च माह में गुणादित्य स्थित सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता के पास खाद्यान्न की खेप पहुँची थी। जब इन बोरों का वजन किया गया, तो परिणाम चौंकाने वाले थे। 50 किलो के मानक वाले एक कट्टे में मात्र 43 किलो चावल ही निकला। एक ही बोरे में 7 किलो चावल कम होने की घटना ने पूरी वितरण व्यवस्था और गोदामों से होने वाली सप्लाई की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
पूर्व प्रधान और विक्रेताओं ने जताई नाराजगी
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गुणादित्य के पूर्व प्रधान इंद्र पालीवाल ने इसे प्रशासन की बड़ी लापरवाही करार दिया है। उन्होंने कहा:
“इस तरह की घटतौली न केवल गरीब उपभोक्ताओं के हक पर डाका है, बल्कि इससे गल्ला विक्रेताओं की सामाजिक छवि भी खराब हो रही है। विक्रेताओं को ऊपर से ही कम राशन मिल रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी अनिवार्य है।”
गल्ला विक्रेताओं का आरोप है कि यह एक सुनियोजित घोटाला हो सकता है, जहाँ गोदाम स्तर से ही राशन की चोरी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रशासनिक रुख: जांच के आदेश
मामले के तूल पकड़ते ही विभाग भी हरकत में आ गया है। जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी करुणा पंत ने इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए कहा है कि राशन के वजन में इतनी बड़ी कमी आना बेहद गंभीर विषय है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि:
- इस पूरे मामले की विस्तृत और बारीकी से जांच की जाएगी।
- गोदाम से लेकर दुकान तक की पूरी सप्लाई चेन की समीक्षा होगी।
- यदि जांच में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।





