अल्मोड़ा। विभिन्न मांगों को लेकर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जिले के फार्मासिस्टों ने तीसरे दिन भी बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला अस्पताल समेत जिले के सभी अस्पतालों में फार्मासिस्टों ने अपनी मांगों के समर्थन में सभाएं कीं और सरकार से जल्द सकारात्मक कार्रवाई की मांग उठाई।
फार्मासिस्टों ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए पूर्व में सृजित 391 पदों को पुनर्जीवित करने की मांग की। उनका कहना है कि फार्मासिस्ट संवर्ग में पदोन्नति के पर्याप्त अवसर नहीं हैं। ऐसे में प्रथम एसीपी के तहत पदोन्नति के पद का वेतनमान 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर दिए जाने की मांग की गई है।
चिकित्सकों की अनुपस्थिति में दवा देने का अधिकार मांगा
फार्मासिस्टों ने ओडिशा और असम की तर्ज पर फार्मेसी अधिकारियों को कुछ अतिरिक्त सुविधाएं देने की मांग भी उठाई। इनमें चिकित्सक की तर्ज पर प्रशिक्षण, अवकाश, चिकित्सा अवकाश और उपार्जित अवकाश जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि चारधाम यात्रा मार्ग, कैलाश मानसरोवर यात्रा और अन्य राजकीय कार्यों के दौरान कई स्थानों पर फार्मेसी अधिकारी अकेले स्वास्थ्य सेवाएं संभालते हैं। ऐसे में चिकित्सक की अनुपस्थिति में सूचीबद्ध रोगों के लिए सूचीबद्ध दवाएं देने के लिए फार्मेसी अधिकारियों को अधिकृत किया जाना चाहिए।
मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
फार्मासिस्टों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सरकार को इस दिशा में जल्द निर्णय लेना चाहिए। जिला अस्पताल में आयोजित विरोध कार्यक्रम में सुमन चम्याल, श्याम लाल, जेएस देवड़ी, पवन जोशी समेत कई फार्मासिस्ट मौजूद रहे।
एसोसिएशन ने संकेत दिया है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे और तेज किया जा सकता है।





