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अल्मोड़ा-पंतनगर हेली सेवा का आगाज: अब घंटों का सफर मिनटों में होगा तय

अल्मोड़ा/देहरादून: उत्तराखंड में क्षेत्रीय हवाई संपर्क (Regional Connectivity) को मजबूती देते हुए बुधवार से अल्मोड़ा और पंतनगर के बीच बहुप्रतीक्षित हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने जा रही है। भारत सरकार की ‘उड़ान’ (UDAN) योजना के तहत संचालित इस सेवा से यात्रियों को सड़क मार्ग की लंबी और थकान भरी यात्रा से बड़ी राहत मिलेगी।

यात्रा समय और किराए का विवरण

वर्तमान में अल्मोड़ा से पंतनगर के बीच की सड़क दूरी लगभग 115 किलोमीटर है। पहाड़ी रास्तों और यातायात जाम के कारण इस दूरी को तय करने में सामान्यतः 4 से 5 घंटे का समय लग जाता है। नई हेली सेवा के शुरू होने से यात्री अब यह सफर महज 30 मिनट में पूरा कर सकेंगे।

  • किराया: प्रति यात्री किराया 3,800 रुपये निर्धारित किया गया है।
  • हेलीकॉप्टर: पवन हंस कंपनी का 11 सीटों वाला डौफिन एन (Dauphin N) हेलीकॉप्टर इस रूट पर उड़ान भरेगा।
  • संचालन केंद्र: यह सेवा अल्मोड़ा के टाटिक हेलीपैड से संचालित की जाएगी।

कनेक्टिविटी का विस्तार

पवन हंस द्वारा पहले से ही देहरादून-अल्मोड़ा-देहरादून मार्ग पर सेवाएं दी जा रही हैं। अब इस नेटवर्क का विस्तार करते हुए पंतनगर-नैनीताल सेक्टर को भी जोड़ा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों को हवाई मार्ग से जोड़कर पर्यटन और आपातकालीन आवाजाही को सुगम बनाना है।

साहित्यिक चर्चाओं के साथ ‘दून पुस्तक महोत्सव 2026’ का भव्य समापन

देहरादून: राजधानी के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में आयोजित 9 दिवसीय ‘दून पुस्तक महोत्सव 2026’ का आज रंगारंग समापन हो गया। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) द्वारा आयोजित इस महोत्सव ने 4 अप्रैल से लेकर आज तक शहर को साहित्य और संस्कृति के अनूठे संगम से जोड़े रखा।

महोत्सव की मुख्य विशेषताएं

  • बौद्धिक महाकुंभ: इस महोत्सव में देश के प्रख्यात लेखकों, चिंतकों और फिल्मकारों ने हिस्सा लिया। मुख्य वक्ताओं में आचार्य प्रशांत, अद्वैता काला, नितिन सेठ और संजीव चोपड़ा जैसे नाम शामिल रहे।
  • विविध विषय: महोत्सव के दौरान आयोजित ‘दून लिट फेस्ट’ में इतिहास, सिनेमा, तकनीक, राष्ट्रवाद और नेतृत्व जैसे गंभीर विषयों पर गहन चर्चा हुई।
  • सांस्कृतिक विरासत: कार्यक्रमों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध भाषाई विविधता और सांस्कृतिक परंपराओं का शानदार प्रदर्शन किया गया।

महोत्सव के अंतिम दिन भारी संख्या में छात्र-छात्राओं और पुस्तक प्रेमियों की भीड़ उमड़ी। इस आयोजन ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख बौद्धिक और साहित्यिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है।

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