पुणे/नई दिल्ली: कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार तड़के पुणे में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे और पिछले काफी समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उन्होंने सुबह करीब 3:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन के साथ ही महाराष्ट्र और देश की राजनीति के एक चर्चित अध्याय का अंत हो गया है।
पुणे में होगा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सुरेश कलमाड़ी का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके पुणे स्थित आवास ‘कलमाड़ी हाउस’ (एरंडवणे) में दोपहर 2:00 बजे तक रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 3:30 बजे पुणे के नवी पेठ स्थित वैकुंठ श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन की खबर मिलते ही पुणे के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
एक प्रभावी राजनीतिक और खेल करियर
सुरेश कलमाड़ी का सार्वजनिक जीवन सफलताओं और विवादों दोनों के लिए याद किया जाएगा:
- मंत्रालयी जिम्मेदारी: उन्होंने केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
- संसदीय सफर: वे तीन बार राज्यसभा सदस्य और पुणे से लोकसभा सांसद रहे। उन्हें पुणे के विकास का खाका खींचने वाले नेताओं में गिना जाता था।
- खेल प्रशासन: वे लंबे समय तक भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष रहे और एशियाई एथलेटिक्स एसोसिएशन में भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
विवादों से भी रहा नाता
कलमाड़ी का नाम मुख्य रूप से साल 2010 में दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) से जुड़ा रहा। उस समय वे आयोजन समिति के अध्यक्ष थे। हालांकि, खेलों के आयोजन के बाद उन पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे, जिसके कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा और कांग्रेस पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। पिछले कुछ वर्षों से वे सक्रिय राजनीति से पूरी तरह दूर थे।
नेताओं ने व्यक्त की संवेदना
उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। महाराष्ट्र के स्थानीय नेताओं ने उन्हें एक ऐसा नेता बताया जिसने पुणे को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं।





