देहरादून: राजधानी के बहुचर्चित अर्जुन हत्याकांड में पुलिस ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने समाज को स्तब्ध कर दिया है। जांच में सामने आया है कि अर्जुन को रास्ते से हटाने की साजिश रातों-रात नहीं रची गई थी, बल्कि हत्यारे पिछले एक महीने से उसकी हर गतिविधि पर नजर रख रहे थे। इस पूरी वारदात की सूत्रधार खुद अर्जुन की मां निकली। पुलिस को शुरुआत में मामला लूट या रंजिश का लगा, लेकिन मां के व्यवहार और तकनीकी साक्ष्यों ने अंततः उसे सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।
साजिश की गहराई: एक माह तक की गई रेकी
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार किए गए शूटरों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
- पल-पल की खबर: हत्यारे पिछले 30 दिनों से देहरादून के विभिन्न इलाकों में अर्जुन का पीछा कर रहे थे। उन्हें अर्जुन के घर से निकलने, जिम जाने और दोस्तों से मिलने के समय की सटीक जानकारी थी।
- माँ का मार्गदर्शन: शूटरों को यह सारी जानकारी खुद अर्जुन की मां उपलब्ध करवा रही थी। जब भी अर्जुन घर से निकलता, मां फोन या मैसेज के जरिए शूटरों को उसकी लोकेशन अपडेट कर देती थी।
- विफल प्रयास: हत्यारों ने पहले भी दो बार अर्जुन पर हमले की कोशिश की थी, लेकिन भीड़भाड़ वाले इलाके या सही मौका न मिल पाने के कारण वे नाकाम रहे थे।
पुलिस को कैसे हुआ मां पर शक?
जांच की शुरुआत में मां को संदिग्ध नहीं माना जा रहा था, लेकिन कुछ कड़ियों ने पुलिस का माथा ठनका दिया:
- व्यवहार में बनावटीपन: बेटे की मौत के बाद जहां एक मां का रो-रोकर बुरा हाल होना चाहिए था, वहीं आरोपी महिला की आंखों में पछतावे से ज्यादा बेचैनी थी। वह पुलिस के सवालों का जवाब देने में हिचकिचा रही थी।
- सीसीटीवी और टाइमिंग: पुलिस ने पाया कि जिस वक्त शूटर अर्जुन के करीब पहुँचे, ठीक उससे पहले मां के मोबाइल से एक संदिग्ध नंबर पर छोटी सी बातचीत हुई थी।
- संपत्ति का विवाद: जांच टीम को पता चला कि मृत अर्जुन अपनी मां द्वारा बेची गई 14 करोड़ की जमीन के पैसों में हिस्सा मांग रहा था, जिसे लेकर दोनों के बीच अक्सर हिंसक झगड़े होते थे।
टेक्निकल सर्विलांस ने पुख्ता किए सबूत
एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में गठित टीम ने जब डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला, तो सच सामने आ गया:
- डिलीट किए गए मैसेज: महिला ने अपने फोन से शूटरों के साथ की गई चैटिंग डिलीट कर दी थी, जिसे साइबर सेल ने रिकवर कर लिया।
- सुपारी का लेनदेन: पुलिस को 12 लाख रुपये की सुपारी के ट्रांजैक्शन के सबूत मिले। मां ने बैंक से मोटी रकम निकालकर बिचौलियों के जरिए शूटरों तक पहुँचाई थी।





