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अमेरिकी घेराबंदी से पहले ईरानी टैंकरों की सुरक्षित निकासी: होर्मुज में ट्रम्प की नाकेबंदी शुरू; तेल की कीमतों में लगी आग

वॉशिंगटन/तेहरान। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरानी बंदरगाहों की पूर्ण सैन्य घेराबंदी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नाकेबंदी की घोषणा के बाद क्षेत्र में भारी सैन्य हलचल शुरू हो गई है। इस प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के प्रभावी होने से ठीक पहले, सोमवार को ईरान से जुड़े दो विशाल तेल टैंकर रणनीतिक जलमार्ग को पार कर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें उछलकर $100$ डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं।

नाकेबंदी से पहले टैंकरों की ‘हाई-स्पीड’ निकासी

शिपिंग डेटा (Kpler और LSEG) के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के पूरी तरह तैनात होने से पहले दो प्रमुख जहाजों ने होर्मुज का रास्ता पार किया।

  • जहाज ‘ऑरोरा’ (Aurora): यह टैंकर ईरानी तेल उत्पादों की बड़ी खेप लेकर सुरक्षित रूप से खाड़ी से बाहर निकल गया है।
  • जहाज ‘न्यू फ्यूचर’ (New Future): इस टैंकर में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के हमरिया बंदरगाह से भरा गया डीजल लदा हुआ है।
  • इन जहाजों की निकासी को विशेषज्ञों द्वारा ‘अंतिम समय की सुरक्षात्मक चाल’ के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि अब अमेरिकी नौसेना किसी भी क्षण मार्ग को पूरी तरह नियंत्रित कर सकती है।

राष्ट्रपति ट्रम्प का सख्त आदेश: ‘नौसैनिक घेराबंदी और माइंस की सफाई’

रविवार को व्हाइट हाउस से जारी कड़े संदेश में राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिकी नौसेना को होर्मुज जलडमरूमध्य में सक्रिय होने के स्पष्ट निर्देश दिए।

  • जहाजों की जांच और रोक: अमेरिकी नौसेना अब होर्मुज से गुजरने वाले संदिग्ध जहाजों को रोकना और उनकी तलाशी लेना शुरू कर देगी।
  • माइंस का खतरा: ट्रम्प ने घोषणा की कि अमेरिकी सेना समुद्र में बिछाई गई किसी भी ‘माइंस’ (समुद्री बम) को हटाना शुरू करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरानी सेना ने किसी भी अमेरिकी सैन्य संपत्ति या नागरिक जहाजों को निशाना बनाया, तो इसका “भीषण सैन्य जवाब” दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना किसी भी टकराव के लिए “पूरी तरह मुस्तैद” है।

गैर-ईरानी जहाजों को राहत, लेकिन वार्ता बेनतीजा

अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उसकी कार्रवाई मुख्य रूप से ईरान को आर्थिक रूप से पंगु बनाने के लिए है।

  • आवाजाही के नियम: अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच व्यापारिक आवाजाही जारी रह सकेगी, बशर्ते वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें।
  • इस्लामाबाद वार्ता विफल: यह तनाव तब और बढ़ा जब पाकिस्तान की राजधानी में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई 21 घंटे की मैराथन वार्ता किसी ठोस समझौते पर नहीं पहुँच सकी। कूटनीति की असफलता ने सैन्य विकल्प को अनिवार्य बना दिया है।

वैश्विक बाजार पर प्रहार: तेल की कीमतें $100$ के पार

ट्रम्प की इस सैन्य धमकी का असर वैश्विक शेयर और कमोडिटी बाजार पर तत्काल देखने को मिला।

  • WTI क्रूड में उछाल: सोमवार को कारोबार शुरू होते ही वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (मई डिलीवरी) की कीमत $8\%$ बढ़कर $104.50$ डॉलर प्रति बैरल हो गई।
  • ब्रेंट क्रूड: अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड (जून डिलीवरी) की कीमत भी $7\%$ बढ़कर $102$ डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई। तेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नाकाबंदी लंबी चली, तो कीमतें $120$ डॉलर का स्तर भी छू सकती हैं।

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