मुंबई (महाराष्ट्र): गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को महाराष्ट्र में भाजपा की राजनीतिक स्थिति पर जोरदार बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि इस राज्य में भाजपा बाहरी सहारों या किसी समर्थन गठबंधन की बैसाखियों पर नहीं बल्कि “अपने बल पर” चल रही है। उन्होंने यह बात पार्टी के एक सम्मेलन / सभा को संबोधित करते हुए कही।
शाह ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में भाजपा ने अपनी खुद की ताकत, संगठनात्मक क्षमता और वोट बैंक पर निर्भर रहकर संघर्ष किया है। उन्होंने कहा :
“यहाँ हमारी पार्टी बैसाखियों पर नहीं चलती। हमें बाहरी मदद की आवश्यकता नहीं पड़ती, हम अपने बल पर खड़ी होती है।”
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने महाराष्ट्र में राजनीतिक अस्थिरता के दौर को निर्मूल कर दिया है और अब राज्य में स्थायी एवं मजबूती से चली जा रही सरकार की नींव रखी गई है।
शाह ने इस दौरान बताया कि पार्टी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं, संगठन-पैनल और जमीन-स्तर की राजनीति को केंद्र में रखा है। उन्होंने खुद को महाराष्ट्र में “संगठन-यात्रा” के संदर्भ में सक्रिय दिखाया और कहा कि जनता के बीच पहुँच ही पार्टी का मूल आधार है।
उन्होंने विपक्षी दलों पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए कहा कि वे बाहरी गठबंधनों और “शक्ति के वाशिंग मशीन” पर निर्भर रहते हैं, जबकि भाजपा ने पूरे राज्य में अपनी जड़ें स्वयं फैलाई हैं।
कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे, वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। मंच से अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को यह निर्देश भी दिए कि आगामी चुनावी महासमर में जनता-सेवा, संगठन-चेतना और मैदान-प्रभाव को और अधिक बढ़ाया जाए।
विश्लेषकों के अनुसार, शाह का यह बयान महाराष्ट्र में भाजपा की स्थिति को सुदृढ़ करने और किसी भी तरह के “सहयोगी-झुकाव” के आरोप को तर्क-रहित साबित करने की दिशा में अहम रहा है। पार्टी के भीतर इसका स्वागत किया गया है कि महाराष्ट्र में भाजपा अब खुद-पर्याप्त बनने का दावा कर रही है।





