गुवाहाटी/नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्वोत्तर राज्यों के अपने दौरे के दौरान कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए उन पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि दशकों तक केंद्र की सत्ता में रही कांग्रेस ने केवल अपने ‘वोट बैंक’ को सुरक्षित करने के लिए बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए देश की सीमाएं खोल दी थीं, जिससे पूरे पूर्वोत्तर की जनसांख्यिकी और सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने न केवल घुसपैठ पर लगाम लगाई है, बल्कि पूर्वोत्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया है।
कांग्रेस पर तीखे प्रहार: “घुसपैठ और अस्थिरता की राजनीति”
गृह मंत्री ने कांग्रेस के पुराने शासनकाल की तुलना वर्तमान सरकार से करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए:
- सुरक्षा के साथ समझौता: अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के समय सीमाएं असुरक्षित थीं और घुसपैठ को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्वोत्तर को केवल चुनाव के समय याद किया जाता था।
- अराजकता का अंत: शाह ने दावा किया कि पहले पूर्वोत्तर उग्रवाद, बंद और बम धमाकों के लिए जाना जाता था, लेकिन पिछले $10$ वर्षों में भाजपा सरकार ने $10,000$ से अधिक उग्रवादियों का आत्मसमर्पण कराकर शांति स्थापित की है।
पूर्वोत्तर भाजपा के लिए ‘अष्टलक्ष्मी’: विकास का रोडमैप
अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘अष्टलक्ष्मी’ विजन को दोहराते हुए पूर्वोत्तर के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताई:
- कनेक्टिविटी में क्रांति: गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार पूरे पूर्वोत्तर को रेल, सड़क और हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए लाखों करोड़ रुपये निवेश कर रही है। अब हर राज्य की राजधानी रेल नेटवर्क से जुड़ने के करीब है।
- AFSPA का दायरा कम हुआ: उन्होंने बताया कि सुरक्षा स्थिति में सुधार के कारण पूर्वोत्तर के $70$ प्रतिशत से अधिक क्षेत्रों से ‘अफस्पा’ (AFSPA) हटा लिया गया है, जो इस क्षेत्र की बदलती तस्वीर का प्रमाण है।
- सीमा सुरक्षा पर सख्ती: शाह ने भरोसा दिलाया कि सीमा पर बाड़ लगाने और तकनीक के इस्तेमाल से अवैध प्रवास को पूरी तरह शून्य करने की दिशा में काम जारी है।
तुष्टीकरण बनाम राष्ट्रवाद: आगामी चुनावों का एजेंडा
गृह मंत्री का यह बयान आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है:
- पहचान की रक्षा: उन्होंने कहा कि भाजपा पूर्वोत्तर की स्वदेशी संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों ने इन्हें मिटाने का प्रयास किया।
- नागरिकता का मुद्दा: शाह ने शरणार्थियों और घुसपैठियों के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार वैध नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगी।





