नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें पांच संकल्प अपनाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी यह यात्रा भारत की आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक एकता और सेवा भाव का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं के नाम लिखे पत्र में यात्रा को सुरक्षित, अनुशासित और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने पहले संकल्प के रूप में यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने और सफाई के नियमों का पालन करने का आग्रह किया। दूसरे संकल्प में उन्होंने यात्रियों से प्रशासन के सभी दिशा-निर्देशों, यातायात नियमों और सुरक्षा संबंधी सलाह का पालन करने तथा बारिश और फिसलन वाले मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा।
तीसरे संकल्प के तहत प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि श्रद्धालु अपने यात्रा बजट का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें। इससे स्थानीय व्यापारियों, युवाओं और परिवारों की आजीविका को मजबूती मिलेगी। चौथे संकल्प में उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने का संदेश देते हुए रक्षाबंधन के अवसर पर पौधा उपहार में देने का आग्रह किया।
पांचवें और अंतिम संकल्प में प्रधानमंत्री ने यात्रियों से ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ पूरे वर्ष ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि अमरनाथ यात्रा सनातन आस्था, राष्ट्रीय एकता और सेवा की परंपरा को और सशक्त बनाएगी।
प्रधानमंत्री ने श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन, भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों, पुलिस, चिकित्सा कर्मियों, सफाई कर्मचारियों और स्वयंसेवकों की भी सराहना की, जो यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने में जुटे हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय एवं सुरक्षित यात्रा की कामना करते हुए कहा कि बाबा बर्फानी का आशीर्वाद सभी पर बना रहे।





