विनायक दामोदर सावरकर के पोते की शिकायत पर अदालत ने गुरुवार को राहुल गांधी को आदेश जारी किया। कांग्रेस नेता को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया। याचिकाकर्ता के वकील ने यह दावा किया। शिकायत में सत्यकी सावरकर ने राहुल पर विनायक दामोदर सावरकर को बदनाम करने का आरोप लगाया है। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से कोई वकील पेश नही हुआ। अदालत का विस्तृत आदेश अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है। यह आदेश न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) साक्षी जैन ने पारित किया। सत्यकी सावरकर ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने 2023 में लंदन में एक भाषण के दौरान विनायक दामोदर सावरकर को बदनाम किया। आदेश में कहा गया है कि अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी। सत्यकी के वकील संग्राम कोल्हटकर ने दावा किया कि न्यायाधीश ने राहुल गांधी को 19 अगस्त को पेस होने के लिए कहा है। हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि कांग्रेस नेता अदालत में खुद मौजूद रहेंगे या उनके वकील उनका प्रतिनिधित्व करेंगे। शिकायत के मुताबिक, राहुल गांधी ने अपने भाषण में दावा किया था कि विनायक दामोदर सावरकर ने एक किताब में लिखा था कि उन्होंने और उनके दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति को पीटा था और इससे सावरकर को खुशी हुई थी। सत्यकी ने दावा किया कि ऐसी कोई घटना कभी नहीं हुई थी और विनायक दामोदर सावरकर ने कभी ऐसी कोई बात नहीं लिखी थी। उन्होंने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 और 500 के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद अदालत ने विश्रामबाग पुलिस थाने को सत्यकी सावरकर की ओर से पेश सबूतों को सत्यापित करने और एक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था। इसके बाद पुलिस ने अदालत में पेश रिपोर्ट में सत्यकी के दावों को सही बताया था। पुलिस ने सोमवार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा कि विनायक दामोदर सावरकर को कहीं भी ऐसी घटना के बारे में लिखते हुए नहीं पाया गया और फिर भी राहुल गांधी ने अपने भाषण में ऐसा दावा किया।





