Friday, February 27, 2026

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अग्निवीरों के लिए ‘ट्रैक’ तैयार: रिटायरमेंट के बाद रेलवे में मिलेगा सीधा रोजगार; बेहतर भविष्य और करियर के लिए केंद्र सरकार की बड़ी पहल

नई दिल्ली: भारतीय सेना में ‘अग्निपथ योजना’ के तहत सेवा दे रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद उनके पुनर्वास और करियर को सुरक्षित बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों को भारतीय रेलवे के विभिन्न विभागों में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। रेल मंत्रालय ने इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली है और जल्द ही भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन कर ‘आरक्षण’ और ‘आयु सीमा में छूट’ के प्रावधान लागू किए जा सकते हैं।

रेलवे में भर्ती के लिए विशेष प्रावधान

अग्निवीरों को रेलवे की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण रियायतों का खाका तैयार किया है:

  • सीधी भर्ती में आरक्षण: जानकारी के अनुसार, रेलवे की ‘लेवल-1’ (ग्रुप डी) और ‘लेवल-2’ (जैसे असिस्टेंट लोको पायलट और तकनीशियन) की भर्तियों में अग्निवीरों के लिए 10% से 15% तक क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) देने पर विचार किया जा रहा है।
  • शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से छूट: चूंकि अग्निवीर पहले ही सेना की कड़ी शारीरिक ट्रेनिंग से गुजर चुके होंगे, इसलिए उन्हें रेलवे की शारीरिक दक्षता परीक्षा से पूरी तरह छूट दी जा सकती है।
  • आयु सीमा में रियायत: पहले बैच के अग्निवीरों को निर्धारित आयु सीमा में 5 वर्ष तक की छूट मिल सकती है, जबकि बाद के बैचों के लिए यह छूट 3 वर्ष की हो सकती है।

क्यों अहम है यह फैसला?

सरकार का यह निर्णय न केवल अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि रेलवे के अनुशासन और कार्यक्षमता को भी बढ़ाएगा:

  1. अनुशासित कार्यबल: भारतीय रेलवे को ऐसे प्रशिक्षित और अनुशासित युवा मिलेंगे जो कठिन परिस्थितियों में काम करने के अभ्यस्त हैं।
  2. सुरक्षा बल में भूमिका: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में अग्निवीरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि उनके पास हथियारों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूर्व अनुभव होगा।
  3. करियर की स्थिरता: 22-25 वर्ष की आयु में सेना से बाहर आने वाले युवाओं को एक स्थायी सरकारी नौकरी मिलने से समाज में उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।

मंत्रालयों के बीच समन्वय और तैयारी

रक्षा मंत्रालय और रेल मंत्रालय इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर संपर्क में हैं:

  • स्किल मैपिंग: अग्निवीरों को उनकी सैन्य विशेषज्ञता के आधार पर रेलवे के संबंधित तकनीकी विभागों (जैसे सिग्नलिंग, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल) में तैनात करने की योजना है।
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम: सेवा के अंतिम छह महीनों के दौरान अग्निवीरों को रेलवे की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए विशेष ‘ब्रिजिंग कोर्स’ भी कराए जा सकते हैं।

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