गांधीनगर/मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने गुजरात की धरती से भारत की औद्योगिक क्रांति को एक नई दिशा देने का बड़ा ऐलान किया है। गांधीनगर में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात समिट को संबोधित करते हुए अंबानी ने घोषणा की कि रिलायंस समूह अगले 10 वर्षों में गुजरात में 7 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगा। इस भारी-भरकम निवेश का मुख्य केंद्र ‘ग्रीन एनर्जी’ (हरित ऊर्जा) और ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) होगा। अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि गुजरात को ‘नेट जीरो’ (कार्बन मुक्त) बनाने और भारत को दुनिया की ‘एआई राजधानी’ बनाने में रिलायंस अपनी पूरी ताकत झोंक देगा।
निवेश के तीन मुख्य स्तंभ: भविष्य की तैयारी
मुकेश अंबानी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह निवेश केवल व्यापारिक विस्तार नहीं, बल्कि एक नए भारत के निर्माण की नींव है:
- ग्रीन एनर्जी हब: जामनगर में 5,000 एकड़ में फैली ‘धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स’ के जरिए रिलायंस सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और हाइड्रोजन एनर्जी के क्षेत्र में विश्व स्तर पर नेतृत्व करेगा।
- एआई और डिजिटल क्रांति: अंबानी ने घोषणा की कि रिलायंस गुजरात के हर कोने में एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित करेगा, जिससे आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शक्ति का लाभ मिल सके। उन्होंने इसे “एआई फॉर ऑल” का नाम दिया है।
- 5G और डेटा सेंटर: रिलायंस जियो द्वारा गुजरात में बिछाए गए 5G नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा और राज्य में बड़े डेटा सेंटर बनाए जाएंगे।
रोजगार और कौशल विकास पर जोर
इस निवेश के जरिए गुजरात के युवाओं के लिए अवसरों का नया द्वार खुलेगा:
- लाखों नौकरियों का सृजन: 7 लाख करोड़ के इस मेगा प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से गुजरात में करीब 10 लाख से अधिक नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
- नई पीढ़ी का कौशल: रिलायंस ग्रीन एनर्जी और एआई के क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए विशेष कौशल विकास केंद्र भी स्थापित करेगा।
प्रधानमंत्री और गुजरात मॉडल की तारीफ
मुकेश अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘विश्व का सबसे सफल नेता’ बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में गुजरात एक वैश्विक ब्रांड बन गया है। उन्होंने कहा कि रिलायंस एक ‘गुजराती कंपनी’ है और हमेशा रहेगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि रिलायंस का लक्ष्य गुजरात को वैश्विक ग्रीन हाइड्रोजन सप्लाई चेन का केंद्र बनाना है।
आर्थिक जगत में हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही राज्य में 7 लाख करोड़ रुपये का निवेश भारत के कॉर्पोरेट इतिहास की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक है। यह निवेश न केवल गुजरात की जीडीपी को रफ्तार देगा, बल्कि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।
निष्कर्ष: ‘नए गुजरात’ का उदय
मुकेश अंबानी की इस घोषणा ने यह साफ कर दिया है कि रिलायंस अब तेल और रिटेल से आगे निकलकर भविष्य की ‘क्लीन टेक’ और ‘हाई टेक’ अर्थव्यवस्था पर दांव लगा रहा है। ग्रीन एनर्जी और एआई का यह संगम गुजरात को दुनिया के आधुनिकतम औद्योगिक राज्यों की कतार में सबसे आगे खड़ा कर देगा।





