इसरो अध्यक्ष डॉ. एस सोमनाथ ने मंगलवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान युवाओं को अंतरिक्ष कार्यक्रमों में निवेश से समाज को मिलने वाले लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष कार्यक्रम में निवेश से अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। साथ इसका समाज को भी लाभ मिलता है। दिल्ली में आयोजित क्रिएटिंग ए स्पेस इकोसिस्टम कार्यक्रम में इसरो अध्यक्ष डॉ. एस सोमनाथ ने कहा कि हमने अब तक अंतरिक्ष कार्यक्रमों में जो भी निवेश किए हैं, उसका समाज को काफी लाभ हुआ है। कई बार लोगों को यह अहसास नहीं होता है कि इस कार्यक्रम का क्या प्रभाव होगा? हर अंतरिक्ष कार्यक्रम के कई तरह से लोगों के जीवन और समाज पर प्रभाव पड़ता है। इसका अर्थव्यवस्था, रोजगार, कृषि, सुरक्षा, सामाजिक प्रभाव, प्राकृतिक संसाधन में सुधार, डिजिटल कनेक्टिवटी, प्रशासनिक समेत कई क्षेत्रों में सुधार होते हैं। उन्होंने कहा कि निवेश का समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने और मापने के लिए हमने हाल ही में कुछ विशेषज्ञों के साथ मिलकर अध्ययन शुरू किया। इसमें सामने आया कि अंतरिक्ष कार्यक्रम पर खर्च होने वाला एक रुपया भी अर्थव्यवस्था को दो से ढाई गुना तक बेहतर करता है। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष कार्यक्रमों के जरिये हमने 2500 से ज्यादा लोगों की जानें बचाई हैं। जबकि स्पेस से मिले डाटा के आधार पर आपदाओं के दौरान लाखों लोगों को विस्थापित किया।
इसरो प्रमुख ने कहा कि अंतरिक्ष कार्यक्रमों ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों के लिए नौकरियां और रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। मछुआरों, कृषि, फसल पूर्वानुमान, प्राकृतिक संसाधनों की योजना और आपदा से बचाव के लिए सहायता प्रणाली भी बनाई है। उन्होंने कहा कि अध्ययन की विस्तृत रिपोर्ट 22 अगस्त को जारी होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के लोगों को भले ही यह जानकारी न हो कि जल संसाधन कितने हैं, कैसे काम करते हैं। मगर आज देश के लोगों को यह जानकारी जरूर है कि जब चंद्रयान चंद्रमा की सतह को छूता है तो कितना प्रभाव पैदा करता है।





