वॉशिंगटन/कराकस: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयानों से वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला के विवादित राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को ‘पकड़’ लिया गया है। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मादुरो को कहां और किसके द्वारा पकड़ा गया है। इस दावे के तुरंत बाद वेनेजुएला की उप-राष्ट्रपति डेलसी रोड्रिग्ज ने पलटवार करते हुए इसे पूरी तरह से ‘झूठ और प्रोपेगैंडा’ करार दिया है और अमेरिकी प्रशासन से इसके पुख्ता सबूत मांगे हैं।
ट्रंप का दावा और ‘X’ पर मची खलबली
- ट्रंप का बयान: डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) और एक प्रेस वार्ता के दौरान संकेत दिए कि मादुरो अब सत्ता पर काबिज नहीं हैं और उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। ट्रंप ने इसे वेनेजुएला के लोगों के लिए “मुक्ति का क्षण” बताया।
- अस्पष्टता: व्हाइट हाउस की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत विवरण या कानूनी दस्तावेज जारी नहीं किए गए हैं, जिससे इस दावे की सत्यता पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संशय बना हुआ है।
वेनेजुएला का कड़ा रुख: ‘सबूत दिखाएं ट्रंप’
वेनेजुएला की सरकार ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी ‘कल्पना’ बताया है:
- उप-राष्ट्रपति की चुनौती: उप-राष्ट्रपति डेलसी रोड्रिग्ज ने सरकारी टेलीविजन पर आकर कहा कि राष्ट्रपति मादुरो सुरक्षित हैं और अपने कार्यालय से देश का कामकाज संभाल रहे हैं। उन्होंने ट्रंप को चुनौती दी कि यदि उनके पास कोई सबूत है, तो उसे दुनिया के सामने पेश करें।
- संप्रभुता का मुद्दा: वेनेजुएला के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन और देश में अस्थिरता पैदा करने की एक अमेरिकी कोशिश करार दिया है।
- समर्थकों का प्रदर्शन: कराकस की सड़कों पर मादुरो के समर्थक बड़ी संख्या में जमा हो गए हैं, जो अमेरिकी हस्तक्षेप के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि: अमेरिका बनाम वेनेजुएला
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव नया नहीं है, इसके पीछे कई गहरे राजनीतिक और आर्थिक कारण हैं:
- चुनाव पर विवाद: अमेरिका लंबे समय से वेनेजुएला के चुनावों को ‘फर्जी’ बताता रहा है और मादुरो को एक तानाशाह के रूप में देखता है।
- आर्थिक प्रतिबंध: ट्रंप प्रशासन ने अपने पिछले कार्यकाल में भी वेनेजुएला के तेल उद्योग पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे, जिसका उद्देश्य मादुरो सरकार की आर्थिक कमर तोड़ना था।
- मादुरो पर ईनाम: गौरतलब है कि अमेरिकी न्याय विभाग ने मादुरो पर ‘नार्को-टेररिज्म’ (नशीली दवाओं के आतंकवाद) के आरोप लगाए हैं और उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए 1.5 करोड़ डॉलर के ईनाम की घोषणा भी कर रखी है।
वैश्विक प्रतिक्रिया
रूस और चीन जैसे देशों ने इस घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह किसी दूसरे देश के आंतरिक मामलों में दखल न दे। वहीं, यूरोपीय संघ ने फिलहाल इस मामले पर ‘रुको और देखो’ की नीति अपनाई है।




