अल्मोड़ा/देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। न्याय मिलने में हो रही देरी और मामले में कथित ‘वीआईपी’ (VIP) चेहरे के खुलासे की मांग को लेकर अल्मोड़ा जिले के भिकियासैण (सल्ट) की दो सगी बहनों ने एक भावुक और साहसी कदम उठाया है। कुसुम बौड़ाई और उनकी छोटी बहन संजना बौड़ाई (10वीं की छात्रा) ने अपने खून से देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर अंकिता को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
“क्या रसूखदारों को अपराध की खुली छूट है?”
खून से लिखी इस चिट्ठी में दोनों बहनों ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से भावुक अपील करते हुए पूछा है कि क्या भारत जैसे न्यायप्रिय देश में प्रभावशाली और वीआईपी लोगों को अपराध करने की खुली छूट है? पत्र में बहनों ने लिखा:
“अंकिता हमारी बहन जैसी थी। तीन साल बीत जाने के बाद भी असली गुनहगार (वीआईपी) आज भी कानून की गिरफ्त से दूर है। हम न्याय की उम्मीद में यह पत्र अपने रक्त से लिख रही हैं ताकि देश के सर्वोच्च पद पर बैठी एक महिला हमारी पीड़ा को समझ सकें।”
प्रमुख मांगें:
- वीआईपी की गिरफ्तारी: बहनों ने मांग की है कि हत्याकांड के पीछे जिस वीआईपी को ‘स्पेशल सर्विस’ देने का दबाव बनाया गया था, उसका नाम सार्वजनिक कर उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
- सीबीआई जांच: पत्र में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच की मांग दोहराई गई है।
- महिलाओं की सुरक्षा: उन्होंने कहा कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलता, तब तक उत्तराखंड की बेटियां खुद को असुरक्षित महसूस करती रहेंगी।
प्रदेश भर में फिर से भड़का जनाक्रोश
यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में कुछ ऑडियो और वीडियो वायरल होने के बाद अंकिता हत्याकांड को लेकर देहरादून से लेकर दिल्ली तक सियासत गरमाई हुई है।
- देहरादून में प्रदर्शन: 4 जनवरी को ही राजधानी देहरादून में हजारों लोगों ने मुख्यमंत्री आवास का कूच किया था, जहाँ पुलिस के साथ तीखी झड़प भी हुई।
- कैंडल मार्च: प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे हरिद्वार, रुद्रप्रयाग और पौड़ी में लोग कैंडल मार्च निकालकर अंकिता के लिए न्याय मांग रहे हैं।
- 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद: विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने न्याय की मांग को लेकर 11 जनवरी को ‘उत्तराखंड बंद’ का आह्वान भी किया है।
सितंबर 2022 में ऋषिकेश के वनंतरा रिजॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके साथियों ने अंकिता पर एक वीआईपी को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने का दबाव बनाया था, जिसे मना करने पर उसे नहर में धक्का दे दिया गया। हालांकि मुख्य आरोपी जेल में हैं, लेकिन पीड़ित परिवार और जनता लगातार उस वीआईपी के नाम के खुलासे की मांग कर रही है।





