Wednesday, March 4, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

अंकिता भंडारी प्रकरण: भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को दो मामलों में मिली थोड़ी राहत

देहरादून/ऋषिकेश। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े विभिन्न कानूनी विवादों के बीच भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर के लिए राहत भरी खबर आई है। न्यायालय ने पूर्व विधायक को दो अलग-अलग मामलों में फौरी राहत प्रदान की है। इन मामलों के तार सीधे तौर पर अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद उपजी परिस्थितियों और आरोपों से जुड़े हुए हैं।

क्या है पूरा मामला?

अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद से ही राज्य की राजनीति और सामाजिक गलियारों में भारी उबाल देखा गया था। इस दौरान पूर्व विधायक सुरेश राठौर पर कुछ गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते उन पर मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन मामलों में एक मामला मानहानि और दूसरा जांच की दिशा को प्रभावित करने या उससे जुड़े विवादों से संबंधित बताया जा रहा है।

न्यायालय की कार्रवाई और राहत

संबंधित कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान पूर्व विधायक के अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक द्वेष के चलते निशाना बनाया जा रहा है। दलीलों को सुनने के बाद, माननीय न्यायालय ने सुरेश राठौर को राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी या कठोर कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसे पूर्व विधायक के लिए एक बड़ी कानूनी जीत के तौर पर देखा जा रहा है।

अंकिता हत्याकांड से जुड़ाव

विदित हो कि अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में से एक है। इस केस में कई रसूखदारों के नाम सामने आने के बाद लगातार धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाइयां जारी हैं। सुरेश राठौर पर आरोप थे कि उन्होंने इस प्रकरण से जुड़े कुछ तथ्यों या व्यक्तियों के संदर्भ में ऐसी भूमिका निभाई जो कानून की दृष्टि में विवादास्पद थी। हालांकि, ताज़ा अदालती आदेश ने उन्हें फिलहाल बड़ी मुश्किल से बचा लिया है।

अगली सुनवाई पर टिकी नजरें

अदालत द्वारा दी गई यह राहत ‘फौरी’ (Interim) प्रकृति की है, जिसका अर्थ है कि मामले की अगली सुनवाई तक उन्हें राहत जारी रहेगी। पुलिस और अभियोजन पक्ष अब अगले चरण की सुनवाई के लिए ठोस सबूत जुटाने में लग गया है। वहीं, दूसरी ओर विपक्षी दलों और अंकिता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे संगठनों ने इस राहत पर अपनी पैनी नजर बना रखी है।

Popular Articles