हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में जहाँ एक ओर पूरा शहर होली के रंगों में सराबोर था, वहीं दूसरी ओर सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र की एक कॉटन (रुई) फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री से धुएं का काला गुबार आसमान में छा गया और फैक्ट्री में रखा लाखों रुपये का कच्चा और तैयार माल जलकर राख हो गया। गनीमत यह रही कि होली की छुट्टी होने के कारण फैक्ट्री में श्रमिक मौजूद नहीं थे, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया। अग्निशमन विभाग की आधा दर्जन गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया।
घटना का विवरण: लपटों ने लिया विकराल रूप
पुलिस और दमकल विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:
- अचानक भड़की आग: दोपहर के समय जब लोग होली खेलने में व्यस्त थे, तभी सिडकुल स्थित कॉटन फैक्ट्री के भीतर से धुआं निकलता देखा गया। रुई और सिंथेटिक फाइबर होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया।
- लाखों का नुकसान: फैक्ट्री मालिक के अनुसार, गोदाम में भारी मात्रा में रुई की गांठें और तैयार धागा रखा हुआ था। प्राथमिक आकलन के अनुसार, आग से मशीनरी और स्टॉक को मिलाकर करीब 50 से 60 लाख रुपये के नुकसान की आशंका है।
- आसपास की इकाइयों में दहशत: आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि पास की अन्य फैक्ट्रियों में भी अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा के लिहाज से आसपास की बिजली आपूर्ति तुरंत काट दी गई।
बचाव कार्य: दमकल कर्मियों की घंटों चली जद्दोजहद
सूचना मिलते ही सिडकुल और मायापुर फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुँचीं:
- कड़ी मशक्कत: रुई की आग बुझाना काफी चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि यह भीतर ही भीतर सुलगती रहती है। दमकल कर्मियों को दीवारों को तोड़कर भीतर प्रवेश करना पड़ा।
- बैकअप की जरूरत: आग की तीव्रता को देखते हुए रुड़की और भेल (BHEL) से भी अतिरिक्त फायर टेंडर बुलाए गए। लगभग 4 घंटे के साझा ऑपरेशन के बाद आग को बुझाया जा सका।
- कूलिंग प्रक्रिया: आग बुझने के बाद भी घंटों तक ‘कूलिंग’ का काम जारी रहा ताकि मलबे के नीचे दबी रुई दोबारा न सुलग उठे।
आग का कारण: शॉर्ट सर्किट या शरारत?
पुलिस प्रशासन अब आग लगने के कारणों की बारीकी से जांच कर रहा है:
- शॉर्ट सर्किट की आशंका: शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि फैक्ट्री के मुख्य पैनल में शॉर्ट सर्किट होने से चिंगारी उठी और उसने रुई को पकड़ लिया।
- हुड़दंग और पटाखा: होली के दौरान फैक्ट्री के पास जलते हुए पटाखे या किसी शरारती तत्व द्वारा फेंकी गई ज्वलनशील वस्तु के कोण से भी जांच की जा रही है।
- सुरक्षा मानकों की जांच: अग्निशमन विभाग यह भी देख रहा है कि क्या फैक्ट्री में आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम (Fire Fighting System) क्रियाशील थे या नहीं।





