हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के बाहरी इलाके में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक महिला ने अपने मासूम बेटे और बेटी के साथ मालगाड़ी के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। इस भीषण हादसे में महिला और दोनों बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस (GRP) और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुँचा। शुरुआती जांच में मामला घरेलू विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया।
कैसे हुई यह हृदयविदारक घटना?
पुलिस के अनुसार, यह घटना शहर के बाहरी हिस्से में स्थित रेलवे ट्रैक पर घटी। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के आधार पर घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा:
- सुनसान जगह का चुनाव: महिला अपने दोनों बच्चों (एक बेटा और एक बेटी) को लेकर रेलवे ट्रैक के पास पहुँची। उसने जानबूझकर एक ऐसे समय और स्थान का चुनाव किया जहाँ से मालगाड़ी तेज रफ्तार में गुजर रही थी।
- मौके पर ही मौत: जैसे ही मालगाड़ी नजदीक आई, महिला बच्चों को लेकर पटरी पर कूद गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों के शरीर क्षत-विक्षत हो गए और उनकी तत्काल मृत्यु हो गई।
परिजनों में कोहराम, पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। मृतकों की शिनाख्त कर उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
- घरेलू कलह का संदेह: स्थानीय सूत्रों और पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार, महिला पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थी। बताया जा रहा है कि परिवार में चल रहे झगड़ों और आर्थिक तंगी के कारण वह परेशान रहती थी।
- सुसाइड नोट की तलाश: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या महिला ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले कोई सुसाइड नोट छोड़ा है। उसके मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड्स को भी खंगाला जा रहा है।
रेलवे पुलिस (GRP) की कार्रवाई
रेलवे पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि वे हर पहलू से मामले की गहराई तक जाने की कोशिश कर रहे हैं।
- लोको पायलट के बयान: मालगाड़ी के लोको पायलट के बयान भी दर्ज किए जाएंगे ताकि घटना के सही समय और स्थिति का पता चल सके।
- CCTV फुटेज: रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला अकेले ही बच्चों को लेकर वहां पहुँची थी या कोई और भी उसके साथ था।
समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी
इस दुखद घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू विवादों के समाधान की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
“एक मां का अपने बच्चों के साथ ऐसा कदम उठाना समाज की गहरी विफलता को दर्शाता है। यदि परिवार या आसपास के लोग समय रहते महिला की परेशानी समझ लेते, तो शायद इन तीन जिंदगियों को बचाया जा सकता था।” — मनोवैज्ञानिक, हैदराबाद





