उत्तर भारत में सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू–कश्मीर में तापमान तेजी से गिरने के साथ कड़ाके की गलन बढ़ गई है, जबकि पूर्वी भारत के बंगाल और झारखंड में मौसम विभाग ने शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक अचानक ठिठुरन बढ़ने से जनजीवन प्रभावित होने लगा है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के पीछे हटने और उत्तरी हवाओं के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। कश्मीर घाटी में अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे पहुंच गया है। कई इलाकों में सुबह घना कोहरा छाया रहा, जबकि रात में पाला जमने से छोटे रास्तों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद शीतलहर की स्थिति और गंभीर हो गई है।
पूर्वी राज्यों में भी मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान गिरने लगा है, जिसके बाद मौसम विभाग ने शीतलहर की चेतावनी जारी की है। सुबह व शाम की ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। स्कूल जाने वाले बच्चों और सुबह काम पर निकलने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा राजधानी दिल्ली–एनसीआर में भी हल्की ठंडक के साथ सुबह के समय धुंध बढ़ने लगी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान और नीचे जा सकता है, जिससे उत्तर भारत में सर्दी का असर और तेज होगा।
मौसम विभाग ने पशुपालकों, किसानों और आम लोगों को ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा के मरीजों को रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है।





