हल्द्वानी: नैनीताल पुलिस ने हल्द्वानी के राधिका ज्वेलर्स में हुई करोड़ों की चोरी का पर्दाफाश करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में नेपाल, झारखंड और मुंबई से जुड़े चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से करीब 22 लाख रुपये कीमत के सोने और चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं। हालांकि, घटना का मुख्य सूत्रधार और नेपाल मूल का मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
किराए की दुकान लेकर रची गई थी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि चोरों ने बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया। गिरोह ने राधिका ज्वेलर्स के ठीक बगल वाली दुकान को फर्नीचर काम के बहाने किराए पर लिया था। 19 दिसंबर की रात, आरोपियों ने इसी दुकान के अंदर से ज्वेलरी शॉप की दीवार काटकर सेंधमारी की और लगभग 1.5 करोड़ रुपये का माल पार कर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
एसएसपी नैनीताल, डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी अलग-अलग राज्यों से ताल्लुक रखते हैं:
- बसंत खत्री: नेपाल (कंचनपुर जिला) का निवासी, जिसके पास से सोने के झुमके बरामद हुए।
- तनवीर अहमद: मुंबई का रहने वाला, इसके पास से सोने के कंगन मिले।
- इमरान शेख व मकसूद शेख: झारखंड के साहिबगंज निवासी, जिनके पास से चांदी की ईंटें और सिक्के बरामद किए गए।
मुख्य आरोपी की तलाश में नेपाल पहुंची टीमें
पुलिस के अनुसार, इस गैंग का मुख्य सरगना जनक राज जोशी (नेपाल निवासी) फिलहाल फरार है। वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से भाग निकले थे—कुछ ट्रेन से महाराष्ट्र पहुंचे तो कुछ बोलेरो बुक कर नेपाल सीमा पर स्थित लखीमपुर खीरी के रास्ते नेपाल भाग गए। उत्तराखंड पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नेपाल और झारखंड में डेरा डाला हुआ है और स्थानीय नेपाली पुलिस से भी संपर्क साधा गया है।
पुलिस टीम को इनाम की घोषणा
एसएसपी ने इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने वाली 26 सदस्यीय एसआईटी (SIT) टीम की सराहना की है। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस की मदद से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और झारखंड जैसे कई राज्यों में दबिश देकर इन आरोपियों को दबोचा।





