हल्द्वानी: स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ते हल्द्वानी शहर में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर पैर पसार लिए हैं। ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा कमाने के लालच में एक युवक को 5.20 लाख रुपये की बड़ी चपत लगी है। शातिर ठगों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए शुरुआत में निवेश की गई छोटी रकम पर ‘रिफंड’ (वापसी) भी दी, ताकि वह बड़े निवेश के लिए तैयार हो जाए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे बुना गया ठगी का जाल?
साइबर अपराधियों ने पीड़ित से संपर्क कर एक लुभावनी ट्रेडिंग वेबसाइट के बारे में जानकारी दी थी। ठगी का तरीका बेहद शातिर था:
- शुरुआती भरोसा: पीड़ित ने पहली बार जब छोटी रकम निवेश की, तो उसे मुनाफे के साथ पैसे वापस मिल गए। इससे पीड़ित को लगा कि वेबसाइट असली है।
- चार बार में निवेश: भरोसा बढ़ने के बाद, पीड़ित ने अलग-अलग चार किस्तों में कुल 5.20 लाख रुपये ट्रेडिंग खाते में जमा कर दिए।
- खाता फ्रीज और डिमांड: जब पीड़ित ने अपना मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो वेबसाइट पर उसका अकाउंट ‘ब्लॉक’ दिखा दिया गया। ठगों ने खाता खोलने के बदले और पैसों की मांग की, तब जाकर उसे ठगी का अहसास हुआ।
सावधान! यह है साइबर ठगों का नया ‘मोडस ऑपेरंडी’
पुलिस के अनुसार, ट्रेडिंग और टास्क-बेस्ड ठगी इन दिनों चरम पर है। अपराधी कुछ इस तरह जाल बिछाते हैं:
- सोशल मीडिया विज्ञापन: फेसबुक, टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर ‘घर बैठे पैसे कमाएं’ जैसे लिंक भेजे जाते हैं।
- शुरुआती रिफंड: शिकार को फंसाने के लिए पहले 500 या 1000 रुपये के निवेश पर 1500 रुपये वापस दिए जाते हैं।
- बड़ा निवेश: एक बार भरोसा कायम होने पर पीड़ित अपनी जमा-पूंजी दांव पर लगा देता है और ठग रफूचक्कर हो जाते हैं।
पुलिस की कार्रवाई और सलाह
हल्द्वानी साइबर सेल ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस उन बैंक खातों को ट्रेस कर रही है जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई है।
- साइबर एक्सपर्ट्स की चेतावनी: किसी भी अनजान वेबसाइट या ऐप पर निवेश करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच करें। सेबी (SEBI) से रजिस्टर्ड संस्थाओं के जरिए ही ट्रेडिंग करें।
- तुरंत करें रिपोर्ट: यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तत्काल 1930 नंबर पर कॉल करें या ‘cybercrime.gov.in’ पर शिकायत दर्ज कराएं। शुरुआती 2 घंटों (Golden Hour) में शिकायत करने पर पैसे वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है।
“साइबर अपराधी लोगों के लालच और तकनीक के प्रति अज्ञानता का फायदा उठा रहे हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ‘ट्रेडिंग’ के नाम पर पैसे न भेजें। हम इस मामले के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाल रहे हैं और जल्द ही आरोपियों तक पहुँचने का प्रयास करेंगे।” — कोतवाली पुलिस, हल्द्वानी





