हर्षिल घाटी में खराब मौसम के कारण एमआई-17 और चिनूक हेलिकॉप्टर राहत सामग्री लेकर धराली नहीं पहुंच सके और चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे लौट आए। आपदा प्रभावित धराली में बिजली और पानी बहाल हो चुके हैं, जबकि नेट कनेक्टिविटी भी शाम तक बहाल होने की संभावना है।
अलेथ निवासी की जेसीबी आपदा में बह गई
धराली आपदा में अलेथ गांव के यशपाल सिंह रावत की जेसीबी मशीन बह गई। कर्ज लेकर खरीदी गई मशीन ही परिवार की आजीविका का साधन थी। उन्होंने जिला प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
मुखवा-धराली झूला पुल को खतरा
आपदा के बाद मुखवा-धराली को जोड़ने वाला पुराना झूला पुल भी जोखिम में है। सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने निरीक्षण कर लोक निर्माण विभाग को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं। पुल की विंड केबल टूटने समेत कई हिस्सों को नुकसान हुआ है।
मोबाइल लोकेशन से लापता लोगों का पता लगाया जाएगा
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन के अनुसार लापता लोगों की पुष्टि के लिए 5 अगस्त के मोबाइल लोकेशन डेटा की जांच होगी। बिहार, राजस्थान और नेपाल से लोग अपने गुमशुदा परिजनों की तलाश में पहुंचे हैं।
सड़क बहाली व रसद आपूर्ति जारी
सड़क मार्ग की मरम्मत तेज गति से चल रही है। सोनगाड़ में करीब 400 मीटर सड़क पूरी तरह ध्वस्त है। गंगोत्री से धराली और हर्षिल से सोनगाड़ तक यातायात ट्रांसशिप से सुचारू है। सोनगाड़ से डबरानी तक 2 किमी पैदल मार्ग है।
जिलाधिकारी की निगरानी में राहत कार्य
डीएम प्रशांत आर्य लगातार प्रभावित क्षेत्र में मौजूद हैं और सर्च, रेस्क्यू, राहत वितरण व ढांचागत सुधार की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
हिमनद झील का निरीक्षण
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और निम की टीम ने रडार और ड्रोन से हिमगंगा व खीरगंगा उद्गम स्थल की हिमनद झील का सर्वे किया है। रिपोर्ट जल्द शासन को भेजी जाएगी।
भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 14 से 16 अगस्त तक प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित है। जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश मिले हैं।
चिनूक से राहत सामग्री आपूर्ति
चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे से वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर के जरिए धराली में आवश्यक वस्तुएं भेजी जा रही हैं।





