Saturday, January 31, 2026

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हरिद्वार रेलवे स्टेशन का होगा ‘कायाकल्प’: ₹460 करोड़ की लागत से बनेगा वर्ल्ड क्लास टर्मिनल; अर्धकुंभ से पहले श्रद्धालुओं को मिलेगी आधुनिक सुख-सुविधाओं की सौगात

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। भारतीय रेलवे ने हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास (Redevelopment) की योजना को हरी झंडी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 460 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य आगामी अर्धकुंभ मेले के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ का प्रबंधन करना और यात्रियों को हवाई अड्डे जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है। स्टेशन के नए स्वरूप में उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक वास्तुकला का बेजोड़ संगम देखने को मिलेगा। रेल मंत्रालय के अनुसार, इस सुंदरीकरण परियोजना के पूरा होने के बाद हरिद्वार रेलवे स्टेशन उत्तर भारत के सबसे सुंदर और सुविधाजनक स्टेशनों में शुमार हो जाएगा।

कैसा होगा नया ‘हरिद्वार स्टेशन’?

₹460 करोड़ के इस भारी-भरकम बजट से स्टेशन के बुनियादी ढांचे में आमूल-चूल परिवर्तन किए जाएंगे:

  • भव्य प्रवेश द्वार और अग्रभाग: स्टेशन के मुख्य भवन (Façade) को मंदिरनुमा स्वरूप दिया जाएगा, जो हरिद्वार की आध्यात्मिक पहचान को दर्शाएगा।
  • कॉनकोर्स एरिया: यात्रियों के बैठने के लिए विशाल और हवादार वेटिंग हॉल (Concourse) बनाया जाएगा, जिसमें एक साथ हजारों यात्री विश्राम कर सकेंगे।
  • आधुनिक सुविधाएं: स्टेशन परिसर में एस्केलेटर, लिफ्ट, वीआईपी लाउंज, और बेहतर फूड कोर्ट की व्यवस्था होगी। साथ ही, पूरे स्टेशन को ‘दिव्यांग मित्र’ बनाया जाएगा।
  • स्मार्ट पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट: स्टेशन के बाहर लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग और अलग एंट्री-एग्जिट गेट बनाए जाएंगे।

अर्धकुंभ 2028 के लिए रणनीतिक तैयारी

रेलवे प्रशासन का लक्ष्य इस परियोजना को आगामी अर्धकुंभ मेले से पहले पूरा करना है:

  1. भीड़ नियंत्रण तंत्र: अर्धकुंभ के दौरान एक ही दिन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं। नए डिजाइन में ऐसे ‘होल्डिंग एरिया’ बनाए गए हैं जहाँ आपात स्थिति में भीड़ को सुरक्षित रूप से रोका जा सके।
  2. प्लेटफार्म विस्तार: प्लेटफार्मों की लंबाई और चौड़ाई बढ़ाई जाएगी ताकि लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन में सुगमता हो और यात्रियों को चढ़ने-उतरने में असुविधा न हो।
  3. डिजिटल सूचना प्रणाली: स्टेशन पर बड़ी एलईडी स्क्रीन और आधुनिक उद्घोषणा प्रणाली (PA System) लगाई जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को ट्रेनों और मेले से जुड़ी पल-पल की जानकारी मिल सकेगी।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि स्टेशन के सुंदरीकरण से न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि स्थानीय व्यापार को भी गति मिलेगी:

  • धार्मिक पर्यटन में वृद्धि: स्टेशन की भव्यता और सुविधाएं विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करेंगी, जिससे होटल और हस्तशिल्प उद्योग को लाभ होगा।
  • रोजगार के अवसर: निर्माण कार्य और आगामी आधुनिक सुविधाओं के प्रबंधन से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

निष्कर्ष: विकसित भारत की नई पहचान

हरिद्वार रेलवे स्टेशन का यह पुनर्विकास ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ का हिस्सा है। मुख्यमंत्री और रेल मंत्रालय के साझा प्रयासों से हरिद्वार अब केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि आधुनिक बुनियादी ढांचे का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा। ₹460 करोड़ का यह निवेश देवभूमि उत्तराखंड के विकास पथ पर एक मील का पत्थर साबित होगा।

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