हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र में नवनिर्मित फ्लाईओवर के मोड़ पर सोमवार तड़के टनकपुर डिपो की एक रोडवेज बस और पिकअप वाहन के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर और अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
फ्लाईओवर से नीचे जा गिरे दो लोग, मची चीख-पुकार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, टनकपुर डिपो की रोडवेज बस नजीबाबाद से हरिद्वार की ओर आ रही थी, जबकि पिकअप वाहन हरिद्वार से बिजनौर की ओर जा रहा था। जैसे ही दोनों वाहन श्यामपुर फ्लाईओवर के मोड़ पर पहुंचे, उनके बीच आमने-सामने की सीधी भिड़ंत हो गई।
- उड़े वाहनों के परखच्चे: टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और बस का ड्राइवर साइड का हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
- नीचे गिरे यात्री: दुर्घटना के वक्त पिकअप में करीब 10 लोग सवार थे। भिड़ंत का झटका इतना जोरदार था कि पिकअप में सवार दो व्यक्ति फ्लाईओवर से सीधे नीचे जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर लंबा जाम लग गया।
इलाज के दौरान तोड़ा दम, घायलों की स्थिति गंभीर
हादसे की सूचना मिलते ही श्यामपुर थाना पुलिस तुरंत बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से वाहनों में फंसे घायलों को बाहर निकाला और 108 एंबुलेंस के जरिए जिला चिकित्सालय हरिद्वार भिजवाया।
- मृतकों की पहचान: जिला अस्पताल में उपचार के दौरान पिकअप सवार अहान (18 वर्ष, निवासी बड़ापुर, नजीबाबाद) और एक अज्ञात व्यक्ति (उम्र करीब 35 वर्ष) को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल शराफत (42 वर्ष) और उनकी पत्नी शबाना (35 वर्ष) को प्राथमिक उपचार के बाद एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया था, लेकिन शबाना ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
- घायलों का चल रहा इलाज: अन्य घायलों में अन्नू (18 वर्ष), सोनी लाल (25 वर्ष, निवासी हरदोई) और शमीम (42 वर्ष, निवासी बिजनौर) शामिल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
क्रेन की मदद से हटाया गया मलबा, जांच शुरू
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त रोडवेज बस और पिकअप को क्रेन की मदद से हाईवे से हटाकर किनारे किया, जिसके बाद घंटों से बाधित यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया जा सका।





