नई दिल्ली। महिलाओं के स्वास्थ्य और परिवारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार अभियान’ सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस अभियान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे जनभागीदारी का बेहतरीन उदाहरण बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अभियान न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाने में सफल रहा है, बल्कि परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी माध्यम बना है। उन्होंने कहा, “स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और मजबूत समाज की आधारशिला है। इस अभियान ने दिखाया है कि जब सरकार और जनता मिलकर काम करते हैं तो किसी भी लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल नहीं होता।”
जानकारी के मुताबिक, इस अभियान के तहत देशभर में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जहां महिलाओं की नियमित जांच, परामर्श और उपचार की व्यवस्था की गई। एनीमिया, मातृ स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर विशेष फोकस किया गया। साथ ही किशोरियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम और पोषण किट भी वितरित की गईं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान लाखों महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ मिला और ग्रामीण इलाकों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने में मदद मिली। इस पहल से महिलाओं में नियमित स्वास्थ्य जांच की आदत विकसित हुई और परिवार स्तर पर स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का संदेश फैला।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियानों से महिलाओं की जीवनशैली में सुधार के साथ-साथ मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने में भी मदद मिलेगी।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इस अभियान को व्यापक स्वरूप देकर इसे दीर्घकालिक कार्यक्रम के रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है।





