नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नवनिर्वाचित कैबिनेट की पहली औपचारिक बैठक आज ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित होने जा रही है। यह बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक और लीक से हटकर मानी जा रही है। इस बार बैठक का उद्देश्य केवल फाइलों का निपटारा या नीतिगत फैसले लेना ही नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री ने एक नई कार्य-संस्कृति की शुरुआत की है। बैठक के दौरान मंत्रियों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे केवल विभागीय समस्याओं पर बात न करें, बल्कि अपने क्षेत्रों या विभागों से जुड़ी कोई सकारात्मक खबर यानी ‘गुड न्यूज’ भी साझा करें।
‘गुड न्यूज’ परंपरा: सकारात्मकता से होगा काम का आगाज
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार कैबिनेट बैठकों में एक अनूठा प्रयोग शामिल किया है:
- सकारात्मक ऊर्जा: बैठक की शुरुआत में मंत्री अपने पिछले कुछ दिनों के उन कार्यों या अनुभवों को बताएंगे, जिनसे जनता को सीधा लाभ पहुँचा है या समाज में सकारात्मक बदलाव आया है।
- सीखने का अवसर: ‘गुड न्यूज’ साझा करने के पीछे सोच यह है कि एक मंत्री की सफलता की कहानी से दूसरे मंत्री प्रेरणा ले सकें और उसे अपने विभाग में भी लागू कर सकें।
- टीम भावना: यह पहल मंत्रियों के बीच एक ‘साइलो’ (अकेले काम करने की प्रवृत्ति) को तोड़कर टीम वर्क की भावना को मजबूत करने के लिए की गई है।
सेवा तीर्थ: बैठक के लिए विशेष स्थान का चयन
कैबिनेट बैठक के लिए ‘सेवा तीर्थ’ का चयन एक बड़ा प्रतीकात्मक संदेश देता है:
- सेवा ही संकल्प: ‘सेवा तीर्थ’ वह स्थान है जो निस्वार्थ सेवा और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। यहाँ बैठक आयोजित कर प्रधानमंत्री यह संदेश देना चाहते हैं कि सरकार का हर निर्णय ‘अंत्योदय’ और जन-सेवा को समर्पित है।
- सादगी और अनुशासन: लुटियंस दिल्ली के भव्य कमरों से निकलकर सेवा के केंद्र में बैठक करना मंत्रियों को जमीन से जुड़े रहने और जनता के प्रति अपनी जवाबदेही की याद दिलाता है।
बैठक का मुख्य एजेंडा
सकारात्मक खबरों के आदान-प्रदान के बाद कैबिनेट कई महत्वपूर्ण नीतिगत विषयों पर चर्चा करेगी:
- सौ दिन का रोडमैप: प्रधानमंत्री सभी मंत्रियों से उनके विभागों के ‘100 दिनों के एजेंडे’ की प्रगति रिपोर्ट लेंगे।
- लोक कल्याणकारी योजनाएं: बैठक में आगामी बजट की रूपरेखा और गरीब कल्याण से जुड़ी नई योजनाओं पर मुहर लग सकती है।
- विकसित भारत 2047: भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में उठाए जाने वाले तात्कालिक कदमों पर विस्तृत मंथन होगा।





