चारों युगों की गाथाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आधुनिक भारत की प्रगति का हुआ जीवंत चित्रण
हल्द्वानी। सेंट लॉरेंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी का वार्षिकोत्सव ‘कालचक्र – फोर युगाज इन वन टाइम वॉर्टेक्स’ सोमवार को श्याम गार्डन, देवलचौड़ में भव्यता एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, पौराणिक गाथाओं, जीवन मूल्यों और आधुनिक भारत की उपलब्धियों को विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया।
समारोह के मुख्य अतिथि नैनीताल-ऊधम सिंह नगर के सांसद श्री अजय भट्ट जी रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा धरमवाल जी तथा दर्जा राज्य मंत्री श्री मोहन पाठक जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों एवं विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधकों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा बढ़ाई।
‘कालचक्र’ की संकल्पना के अंतर्गत विद्यार्थियों ने सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग की प्रमुख घटनाओं एवं जीवन मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप के प्रसंग ने अटूट आस्था और सत्य की शक्ति का संदेश दिया, वहीं योग की प्रस्तुति ने स्वस्थ जीवन एवं आत्मानुशासन का महत्व दर्शाया। रावण के चरित्र को एक अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत कर विद्यार्थियों ने दर्शकों को चिंतन का नया आयाम दिया।
‘श्रीकृष्ण-सुदामा रासरंग’ ने मित्रता, प्रेम और समर्पण की भावनाओं को सुंदर अभिव्यक्ति दी। इसके साथ ही ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मोबाइल फोन के बढ़ते प्रभाव पर आधारित नाटिका ने डिजिटल युग में तकनीक के संतुलित उपयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया। ‘अंतरजाल’ की प्रस्तुति ने इंटरनेट की दुनिया और उसके प्रभावों को उजागर किया, जबकि ‘नया भारत’ के माध्यम से देश की वैज्ञानिक, तकनीकी एवं विकासात्मक उपलब्धियों को उत्साहपूर्वक प्रदर्शित किया गया।
भगवान शिव के रौद्र स्वरूप पर आधारित ‘शिव तांडव’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस प्रस्तुति के माध्यम से प्रकृति के साथ मानवीय हस्तक्षेप और उसके विनाशकारी परिणामों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। विद्यार्थियों की उत्कृष्ट अभिनय क्षमता, आकर्षक वेशभूषा, संगीत एवं प्रकाश संयोजन ने संपूर्ण कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
विद्यालय की वार्षिक उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए प्रधानाचार्या श्रीमती अनीता जोशी ने शैक्षणिक उत्कृष्टता, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, खेलकूद तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों की उपलब्धियों एवं शिक्षकों के समर्पित योगदान को विद्यालय की प्रगति का आधार बताया।
विद्यालय के संस्थापक एवं अध्यक्ष , अनिल जोशी ने अपने संबोधन में शिक्षा को संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और जीवन कौशल से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक ज्ञान एवं तकनीक के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
विद्यालय के निदेशक श्री सुनील जोशी के कुशल मार्गदर्शन, सूक्ष्म दृष्टि और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता ने आयोजन को सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सतत प्रयासों और प्रत्येक व्यवस्था पर विशेष ध्यान ने कार्यक्रम की गरिमा एवं गुणवत्ता को नई ऊँचाई प्रदान की।
मुख्य अतिथि श्री अजय भट्ट जी ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने ऐसे आयोजनों को बच्चों की रचनात्मकता, व्यक्तित्व विकास और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की उपप्रधानाचार्या सुश्री अंजू पाठक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, अन्य गणमान्य अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में पर्दे के पीछे कार्यरत सभी सदस्यों के समर्पण एवं सामूहिक प्रयासों की सराहना की।
समारोह ने अपनी विषयवस्तु के माध्यम से यह संदेश दिया कि समय का चक्र निरंतर गतिमान है, लेकिन सत्य, धर्म, मित्रता और मानवीय मूल्यों की प्रासंगिकता सदैव बनी रहती है। परंपरा और आधुनिकता के सुंदर समन्वय ने ‘कालचक्र’ को केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम न बनाकर विचार, चेतना और प्रेरणा का उत्सव बना दिया।
विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन, विद्यालय प्रबंधन की दूरदर्शिता तथा अभिभावकों के सहयोग से वार्षिकोत्सव अत्यंत सफल रहा। कार्यक्रम ने दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी और सेंट लॉरेंस परिवार के लिए गौरवपूर्ण स्मृति बन गया।




