सुप्रीम कोर्ट की अपील के बाद आरजी कर मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) और राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीआईएसएफ के जवान तैनात कर दिए गए हैं। अब मेडिकल कॉलेज में जगह-जगह सीआईएसएफ जवान दिखाई दे रहे हैं। उच्चतम न्यायालय द्वारा अपील किए जाने के बाद, फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एफओआरडीए) ने कोलकाता में एक प्रशिक्षु चिकित्सक से कथित तौर पर दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या की घटना के विरोध में जारी अपनी हड़ताल को अस्थायी रूप से स्थगित दिया, लेकिन कहा कि वह दो सप्ताह में अपने रुख की समीक्षा करेगा। एफओआरडीए ने इस बात पर जोर दिया कि हड़ताल को सिर्फ स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं किया है और वे आर जी कर मेडिकल कॉलेज में अपने सहकर्मियों की मांगों से संबंधित रुख पर नजर रहे हैं और दो सप्ताह में अपने रुख की समीक्षा करेंगे।फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बृहस्पतिवार को हड़ताल वापस ले ली। एक वीडियो संदेश में फेमा अध्यक्ष डॉ. रोहन कृष्णन ने कहा कि विरोध जारी रहेगा, लेकिन एक अलग रूप में। उन्होंने कहा कि पहले एक अखिल भारतीय बैठक आयोजित की गई थी और सभी रेजिडेंट डॉक्टरों से काम पर लौटने का अनुरोध किया गया था। बैठक में हमने ओपीडी, आपातकालीन और वैकल्पिक सेवाओं को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट की अपील के बाद इंदिरा गांधी अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने आधिकारिक तौर पर अपनी 11 दिन की हड़ताल वापस ले ली थी। वहीं, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट एसोसिएशन (यूडीएफए) ने भी कोलकाता में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल स्थगित कर दी।





