Tuesday, February 3, 2026

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सीएम धामी के कड़े तेवर: बोले- कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं, पुलिस सुधारे अपनी कार्यशैली

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली में बदलाव की जरूरत है और जनसेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक की मुख्य बातें और सीएम के निर्देश

  • वर्क कल्चर में सुधार: मुख्यमंत्री ने कहा कि थाना और चौकियों के ‘वर्क कल्चर’ (कार्यशैली) में सुधार लाना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस का व्यवहार आम जनता के प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक होना चाहिए।
  • आम आदमी को न सताया जाए: सीएम धामी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि पुलिस की कार्रवाई से किसी भी निर्दोष या आम आदमी को मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आम आदमी को सताया न जाए, बल्कि उन्हें सुरक्षा का अहसास कराया जाए।”
  • रात्रि गश्त और अपराध नियंत्रण: अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में रात्रि गश्त (Night Patrolling) को और अधिक सघन बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आपराधिक मामलों की विवेचना (Investigation) में अनावश्यक देरी न की जाए।
  • लैंड फ्रॉड और नशा मुक्ति: बैठक में मुख्यमंत्री ने जमीनों के फर्जीवाड़े (Land Fraud) पर सख्त कानून बनाने और नशा मुक्ति अभियान को एक ‘जन आंदोलन’ में बदलने पर जोर दिया।
  • अभियोजन का सुदृढ़ीकरण: सीएम ने निर्देश दिए कि अभियोजन पक्ष किसी भी सूरत में कमजोर नहीं होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने अभियोजन अधिकारियों के ‘परफॉर्मेंस ऑडिट’ कराने की भी बात कही।

पर्यटन और आगामी चुनौतियों पर फोकस

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या में संभावित उछाल को देखते हुए सरकार ने पहले से ही कमर कस ली है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटकों को जांच के नाम पर बेवजह परेशान न किया जाए और उनकी सुरक्षा व सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री का संदेश: “उत्तराखंड में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। योजनाएं केवल फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देनी चाहिए।”

इस बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि वे स्वयं समय-समय पर थानों और सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे

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