Tuesday, March 3, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

सागर कवच’ अभ्यास: भारतीय तटरक्षक बल ने परखी तटीय सुरक्षा, समुद्री सीमाओं के बचाव तंत्र का सफल परीक्षण

भारत की तटीय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से भारतीय तटरक्षक बल ने महाराष्ट्र और गोवा की तटरेखाओं पर दो दिवसीय बहुराष्ट्रीय सुरक्षा अभ्यास ‘सागर कवच-02/25’ संपन्न किया। 19 से 20 नवंबर तक चले इस अभ्यास में समुद्र के रास्ते घुसपैठ, तटीय प्रतिष्ठानों पर संभावित हमले और आपात परिस्थितियों में त्वरित बहु-एजेंसी प्रतिक्रिया को वास्तविक परिदृश्य में परखा गया।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अभ्यास में 6,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों ने भाग लिया और 115 से ज्यादा समुद्री एवं हवाई संसाधन तैनात किए गए। इसमें भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के जहाज, डॉर्नियर विमान, चेतक हेलिकॉप्टर, एयर कुशन व्हीकल (एसीवी), मरीन पुलिस की बोटें, कस्टम व CISF की नौकाएं, महाराष्ट्र मेरिटाइम बोर्ड और मत्स्य विभाग की नावें शामिल थीं, जिन्होंने व्यापक सुरक्षा घेरा मजबूत किया।

अभ्यास की सबसे अहम विशेषता यह रही कि इसमें 19 केंद्रीय और 13 राज्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। एक प्रमुख बंदरगाह, 21 छोटे बंदरगाह और जिला-स्तर की तटीय सुरक्षा इकाइयों ने मिलकर ऑपरेशन संचालित किया, जिससे आपसी तालमेल और संयुक्त कार्रवाई की क्षमता का सफल परीक्षण हुआ।

अभ्यास के दौरान समुद्र और तट दोनों पर तैनात इकाइयों की प्रतिक्रिया क्षमता, संचार नेटवर्क की प्रभावशीलता, निगरानी प्रणालियों की सटीकता और एजेंसियों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी का मूल्यांकन किया गया। हवाई निगरानी और समुद्री गश्त की संयुक्त कार्रवाई ने सुरक्षा परतों को और अधिक मजबूत साबित किया।

‘सागर कवच’ ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने की प्रक्रिया और संयुक्त अभियानों की दक्षता को नए आयाम दिए हैं। रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, यह अभ्यास दर्शाता है कि भारत का तटीय सुरक्षा ढांचा आतंकवाद, घुसपैठ और तटीय प्रतिष्ठानों पर हमलों जैसी संभावित खतरों से निपटने के लिए पूर्णतः तैयार है।

अभ्यास की सफलता के बाद इसे भविष्य की समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से मुकाबला करने तथा भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा क्षमताओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Popular Articles