Saturday, February 14, 2026

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सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा: 90% भारतीयों ने महसूस किया ग्लोबल वार्मिंग का असर

जलवायु परिवर्तन को लेकर दुनियाभर में जारी बहस के बीच एक ताज़ा सर्वे में पता चला है कि करीब 90% भारतीयों ने व्यक्तिगत रूप से ग्लोबल वार्मिंग का असर महसूस किया है। येल प्रोग्राम ऑन क्लाइमेट चेंज कम्युनिकेशन और सी-वोटर द्वारा मार्च–अप्रैल 2025 में कराए गए इस सर्वे में देशभर के 2,164 लोगों ने हिस्सा लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, 96% लोगों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग वास्तव में हो रही है, लेकिन केवल 17% ही इसके बारे में गहराई से जानते हैं। वहीं 27% प्रतिभागियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने इस विषय पर कभी सुना ही नहीं था।
ग्लोबल वार्मिंग के कारणों पर राय

• 58% का मानना है कि इंसानी गतिविधियां मुख्य वजह हैं।
• 34% इसे प्राकृतिक बदलाव का परिणाम मानते हैं।
• 82% ने पेट्रोल-डीजल वाहन, 61% ने कोयला-गैस आधारित फैक्ट्रियों को जिम्मेदार बताया।
• 84% ने प्लास्टिक प्रदूषण को भी कारण माना, जबकि वैज्ञानिक रूप से इसका ग्रीनहाउस गैस योगदान सीमित है।
• 37% ने इसे “भगवान की इच्छा” भी कहा।

मौसम और जीवन पर असर

79% लोगों को लगता है कि ग्लोबल वार्मिंग उनके इलाके के मौसम को बदल रही है, जबकि 83% मानते हैं कि इसका असर मॉनसून पर भी पड़ रहा है। 90% लोग इसके प्रति चिंतित हैं, जिनमें से 58% “बहुत ज्यादा चिंतित” हैं। 89% को डर है कि यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए खतरनाक होगी, जबकि 81% अपने परिवार और समुदाय को भी प्रभावित मानते हैं।
सरकारी कदम और जनता की अपेक्षाएं
• 78% लोग चाहते हैं कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए और काम करे।
• 86% भारत के 2070 तक कार्बन प्रदूषण को खत्म करने के लक्ष्य का समर्थन करते हैं।
• 87% का मानना है कि पवन और सौर ऊर्जा अपनाने से प्रदूषण घटेगा।
• 85% मानते हैं कि इससे ग्लोबल वार्मिंग में कमी आएगी, हालांकि लगभग आधे को बिजली कटौती, बेरोजगारी और दाम बढ़ने का डर है।
यह सर्वे ‘क्लाइमेट चेंज इन द इंडियन माइंड’ श्रृंखला का हिस्सा है, जो 2011 से भारत में जलवायु जागरूकता के रुझानों पर नज़र रख रहा है।

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