नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने सरकारी सेंसरशिप और कंटेंट हटाने से जुड़े अनुरोधों को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने का एलान किया है। कंपनी के मालिक एलन मस्क के अनुसार, अब यूजर्स को यह जानकारी मिल सकेगी कि किसी पोस्ट या अकाउंट पर कार्रवाई के लिए सरकार की ओर से अनुरोध किया गया है या नहीं।
मस्क ने X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकारों की ओर से की जाने वाली सेंसरशिप से संबंधित कार्रवाई अब स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यदि कोई सरकारी एजेंसी किसी पोस्ट को हटाने या किसी अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करती है, तो इसकी जानकारी यूजर्स को दी जा सकेगी।
सरकारी एजेंसी का भी होगा उल्लेख
नई व्यवस्था में केवल कार्रवाई की सूचना ही नहीं, बल्कि अनुरोध करने वाली सरकारी एजेंसी की पहचान भी सामने लाने की योजना है। जहां उपलब्ध होगा, वहां संबंधित कार्रवाई का कानूनी आधार या सरकार की ओर से दिया गया कारण भी बताया जा सकता है। इससे यूजर्स को यह समझने में मदद मिलेगी कि किसी सामग्री की पहुंच सीमित या उसे हटाने के पीछे किस सरकारी संस्था की भूमिका रही।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस के बीच फैसला
X का यह कदम ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर सरकारी हस्तक्षेप और ऑनलाइन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज है। भारत समेत कई देशों में सरकारें सोशल मीडिया कंपनियों से विभिन्न परिस्थितियों में सामग्री हटाने या अकाउंट सीमित करने का अनुरोध करती रही हैं। X पहले भी सरकारी कंटेंट हटाने के आदेशों और सोशल मीडिया पर सरकारी हस्तक्षेप को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कर चुका है।
कंपनी का कहना है कि इस तरह की जानकारी सार्वजनिक होने से यूजर्स को प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की उपलब्धता और उस पर की गई कार्रवाई के पीछे की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। हालांकि, पारदर्शिता बढ़ाने की इस पहल का अर्थ यह नहीं है कि X सरकारी आदेशों का पालन करने से इनकार करेगा।





