मस्कट/नई दिल्ली: अरब सागर और ओमान की खाड़ी के मुहाने पर समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ओमान के एक विशाल तेल टैंकर (Oil Tanker) पर विस्फोटक लदी एक मानवरहित ‘ड्रोन बोट’ से भीषण हमला किया गया है। इस कायराना हमले में टैंकर पर सवार एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है, जबकि जहाज के अन्य चालक दल के सदस्य घायल बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला ओमान के तट से कुछ समुद्री मील दूर अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में हुआ। इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है और भारत सरकार ने इस मामले को उच्च स्तर पर उठाते हुए अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है।
हमले का मंजर: समुद्र में ‘रिमोट कंट्रोल’ से तबाही
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों और ओमान के रक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:
- सटीक निशाना: विस्फोटक से लदी एक छोटी नाव (Drone Boat) को रिमोट कंट्रोल के जरिए तेज गति से तेल टैंकर से टकराया गया। टक्कर जहाज के इंजन रूम के करीब हुई, जिससे वहां भीषण आग लग गई।
- भारतीय नागरिक की पहचान: मारे गए भारतीय नागरिक की पहचान जहाज पर तैनात एक तकनीकी अधिकारी (Technical Officer) के रूप में हुई है। भारतीय दूतावास मृतक के परिजनों से संपर्क करने और पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की प्रक्रिया में जुटा है।
- जहाज की स्थिति: हमले के बाद टैंकर को काफी नुकसान पहुँचा है और तेल रिसाव (Oil Spill) का खतरा भी मंडरा रहा है। ओमान की नौसेना ने तुरंत बचाव अभियान चलाकर आग पर काबू पाया और जहाज को सुरक्षित बंदरगाह की ओर मोड़ने का प्रयास किया
किसने किया हमला? जांच के घेरे में ‘क्षेत्रीय ताकतें’
अभी तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक की सुई कुछ प्रमुख गुटों की ओर है:
- यमन के हूती विद्रोही: हाल के महीनों में हूती विद्रोहियों ने लाल सागर और ओमान की खाड़ी में ड्रोन बोट और मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है।
- क्षेत्रीय तनाव का असर: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग का असर अब व्यापारिक जहाजों पर भी दिखने लगा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला रणनीतिक दबाव बनाने की एक कोशिश हो सकती है।
- समुद्री डकैती या आतंकवाद: खुफिया एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या यह किसी आतंकवादी संगठन का ‘लोन वुल्फ’ हमला था।
भारत की प्रतिक्रिया: “समुद्री सुरक्षा सर्वोपरि”
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है:
- सुरक्षा ऑडिट: भारत ने ओमान सरकार से इस हमले की विस्तृत जांच करने और दोषियों को सजा देने का आग्रह किया है।
- नौसेना की मुस्तैदी: भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपने युद्धपोतों (जैसे INS विशाखापत्तनम) को हाई अलर्ट पर रखा है ताकि अन्य भारतीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान की जा सके।
- मदद का हाथ: भारतीय दूतावास के अधिकारी ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर घायल भारतीयों को चिकित्सा सहायता सुनिश्चित कर रहे हैं।





