चेन्नई। भारतीय तटरक्षक बल की समुद्री सुरक्षा क्षमता में एक और महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। शनिवार को आधुनिक तकनीक से लैस नया गश्ती पोत ‘अक्षर’ (ICGS Akshar) आधिकारिक रूप से भारतीय तटरक्षक बेड़े में शामिल कर लिया गया। यह पोत तटीय सीमाओं की निगरानी, समुद्री बचाव अभियानों, एंटी-स्मगलिंग और पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा।
‘अक्षर’ का निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने स्वदेशी तकनीक से किया है। यह पोत 51 मीटर लंबा और लगभग 300 टन वजनी है, जो अत्याधुनिक रडार प्रणाली, उन्नत नेविगेशन उपकरण, स्वचालित मशीनरी नियंत्रण और हाई-स्पीड बोट्स से सुसज्जित है। इसके माध्यम से भारतीय तटरक्षक बल समुद्री सीमाओं पर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और त्वरित कार्रवाई में और अधिक सक्षम होगा।
चेन्नई में आयोजित समारोह में पोत को औपचारिक रूप से तटरक्षक बल को सौंपा गया। इस अवसर पर वरिष्ठ नौसेना अधिकारी, तटरक्षक महानिदेशक और गोवा शिपयार्ड के अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में बताया गया कि ‘अक्षर’ का मुख्य उद्देश्य समुद्री निगरानी के साथ-साथ आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करना है।
अधिकारियों के अनुसार, ‘अक्षर’ भारतीय तटरक्षक बल की तटीय सुरक्षा रणनीति को और मजबूत करेगा। यह पोत विशेष रूप से समुद्री तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और प्रदूषण नियंत्रण जैसे अभियानों में भी उपयोगी रहेगा।
तटरक्षक अधिकारियों ने बताया कि पोत में 35 कर्मियों की तैनाती होगी और यह 25 नॉट (करीब 46 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से चलने में सक्षम है। इसका संचालन दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में किया जाएगा।
इस मौके पर अधिकारियों ने कहा कि ‘अक्षर’ का शामिल होना प्रधानमंत्री के “आत्मनिर्भर भारत” अभियान की दिशा में एक और बड़ा कदम है, जो स्वदेशी रक्षा उत्पादन की क्षमता को दर्शाता है।





